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नीमच में औद्योगिकीकरण को मिलेगी नई गति: झांझरवाड़ा में निवेशकों के साथ एमपीआईडीसी की अहम बैठक

डेस्क न्यूज़ 05 June, 2026


मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप छोटे जिलों में आधारभूत विकास प्राथमिकता'-कार्यकारी संचालक
क्षेत्र की 45 इकाइयों में उत्पादन शुरू, 2500 से अधिक लोगों को मिला रोजगार; कोताही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई

द वॉचमैन पोस्ट ब्यूरो, नीमच।

जिले के औद्योगिक परिदृश्य को नई ऊंचाई पर ले जाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। झांझरवाड़ा स्थित साइट ऑफिस में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में एमपीआईडीसी (MPIDC) के कार्यकारी संचालक राजेश राठौड़ ने निवेशकों, भूखंडधारकों और विभागीय अधिकारियों के साथ वन-टू-वन चर्चा की। बैठक में औद्योगिक क्षेत्र की वर्तमान प्रगति की समीक्षा की गई और आगामी परियोजनाओं को समयसीमा में पूरा करने की रणनीति बनाई गई।

झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र की वर्तमान प्रगति और आंकड़े
बैठक में प्रस्तुत आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार
, झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र तेजी से विनिर्माण हब के रूप में उभर रहा है:
कुल आवंटन: क्षेत्र में अब तक कुल 194 भूखंड (Plots) आवंटित किए जा चुके हैं।
सक्रिय इकाइयाँ: इनमें से 89 भूखंडों पर विस्तृत कुल 45 औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन का कार्य सफलतापूर्व चल रहा है।
रोजगार सृजन: इन सक्रिय इकाइयों के माध्यम से अब तक 2500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिल चुका है।
निर्माणाधीन प्रोजेक्ट: वर्तमान में 21 अन्य इकाइयों में फैक्ट्री निर्माण का कार्य तेजी से प्रगति पर है।

धरातल पर जल्द उतरें परियोजनाएं: एमपीआईडीसी के निर्देश
अनावश्यक विलंब न करें: श्री राठौड़ ने निवेशकों से आग्रह किया कि वे निर्धारित समयसीमा में अपनी परियोजनाओं को पूरा करें ताकि क्षेत्र में निवेश का बेहतर माहौल बने और नए उद्यमियों को प्रेरणा मिले।

साझा भागीदारी आवश्यक: औद्योगिक विकास किसी एक विभाग का कार्य नहीं है, इसमें निवेशकों, उद्योगपतियों और प्रशासन का साथ मिलकर काम करना जरूरी है।
त्वरित निराकरण का भरोसा: विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निवेशकों को आवश्यक तकनीकी व प्रशासनिक सहयोग दें और उनकी समस्याओं को जल्द दूर करें।
कोताही बरतने वालों पर कड़े रुख के संकेत: कार्यकारी संचालक ने स्पष्ट किया कि जो लोग औद्योगिक विकास में बाधक बन रहे हैं या जमीन आवंटन के बाद भी प्लांट स्थापित करने में जानबूझकर लापरवाही बरत रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

बुनियादी ढांचा और मुख्यमंत्री का स्पष्ट विजन
श्री राठौड़ ने बैठक में बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विजन प्रदेश के छोटे और मध्यम जिलों में औद्योगिक क्लस्टर्स को मजबूत करना है। इसी सोच के तहत झांझरवाड़ा में सड़क
, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। नई इकाइयों के शुरू होने से न केवल नीमच की आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

निवेशकों ने जताया भरोसा
बैठक में उपस्थित क्षेत्रीय उद्यमियों और निवेशकों ने एमपीआईडीसी की इस सक्रियता की सराहना की। निवेशकों ने आश्वस्त किया कि वे शासन की मंशानुसार उद्योग स्थापना के कार्यों में तेजी लाएंगे और जिले के आर्थिक विकास में अपनी सक्रिय भूमिका का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी से करेंगे।

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