डेस्क न्यूज़
05 June, 2026
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नीमच \ मनासा। जहां कभी गंदगी, बदबू और कचरे का अंबार लगा रहता था, आज वहीं श्रद्धा, स्वच्छता और सौंदर्य का अनूठा संगम दिखाई दे रहा है। मनासा जनपद की ग्राम पंचायत भाटखेड़ी बुजुर्ग ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणा बन गया है। पंचायत ने वर्षों पुराने कचरा अड्डे (जीवीपी प्वाइंट) को हटाकर वहां आकर्षक पिकनिक स्पॉट "पिपलेश्वर महादेव" विकसित कर दिया है।
गांव के मुख्य चौराहे पर स्थित पानी की टंकी और नाले के पास खाली पड़ी जगह को ग्रामीण लंबे समय से कचरा फेंकने के लिए उपयोग कर रहे थे। कचरे के कारण पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैलती थी, मच्छरों और मक्खियों का प्रकोप बना रहता था। बरसात के दिनों में नाला जाम हो जाता था और गंदा पानी व कचरा लोगों के घरों तक पहुंच जाता था।
ग्राम पंचायत के सरपंच मनोज पुरोहित और सचिव गोपाल मेहता ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने का निर्णय लिया। सफाई मित्रों और जेसीबी मशीन की सहायता से कचरे के ढेर को हटाया गया और पूरे क्षेत्र की सफाई करवाई गई। इसके बाद स्थान को सुंदर और आकर्षक रूप देने के लिए लोहे की रेलिंग, पेवर ब्लॉक, सीमेंट की बेंच और रंग-रोगन का कार्य कराया गया।
विशेष आकर्षण के रूप में यहां भगवान महादेव की प्रतिमा स्थापित की गई तथा पीछे की दीवार पर कैलाश पर्वत की भव्य पेंटिंग बनाई गई। रेलिंग को तिरंगे के रंगों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर बेहद आकर्षक नजर आने लगा। आज यहां नियमित पूजा-अर्चना होती है और यह स्थान ग्रामीणों के लिए आस्था का केंद्र बन चुका है।
पंचायत द्वारा गांव को जीवीपी मुक्त बनाने के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था भी शुरू की गई है। पंचायत का मिनी ट्रैक्टर प्रतिदिन घर-घर जाकर सूखा और गीला कचरा एकत्र करता है, जिससे गांव में स्वच्छता का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।
इस अभियान में गांव की सामाजिक संस्था विश्वकर्माजी सोशल केयर एसोसिएशन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था के डायरेक्टर कमलेश कारपेंटर ने पंचायत के साथ मिलकर स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया और कचरा पृथक्करण व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग दिया।
ग्रामीणों ने इस सुंदर स्थल का नाम "पिपलेश्वर महादेव" रखा है। सुबह-शाम यहां बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की आवाजाही रहती है। वहीं पहले उपेक्षित पड़े पीपल के पेड़ की भी अब नियमित पूजा होने लगी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीपल वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है, इसलिए महिलाएं यहां पूजा-अर्चना और परिक्रमा करने पहुंच रही हैं।