डेस्क न्यूज
05 June, 2026
सामाजिक
घरों के नीचे रिस रहा सीवर, सड़कों पर फैल रही बदबू; सवाल- आखिर जिम्मेदार कौन?
नीमच। शहर के पॉश इलाकों में शुमार शालीमार बाग कॉलोनी इन दिनों एक गंभीर समस्या से जूझ रही है। यहां रहवासी सीवर लाइन लीकेज और गंदे पानी के रिसाव से परेशान हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कॉलोनी वर्षों पहले बस गई थी तो आज तक इसकी सीवर व्यवस्था मुख्य नगर सीवरेज नेटवर्क से व्यवस्थित रूप से क्यों नहीं जोड़ी गई?
रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनी निर्माण के समय सीवर लाइन तो बिछा दी गई, लेकिन उसे मुख्य सिविल सीवर लाइन से तकनीकी रूप से जोड़ने और आवश्यक चैंबर निर्माण का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। नतीजा यह है कि अब जगह-जगह सीवर लाइनें रिस रही हैं और गंदा पानी जमीन के भीतर तथा सड़कों पर फैल रहा है।
सिस्टम की लापरवाही या निर्माण की खामी?
रहवासियों का कहना है कि यह कोई अचानक पैदा हुई समस्या नहीं है। कॉलोनी बनने के बाद से ही सीवर व्यवस्था अधूरी और अव्यवस्थित रही है। सवाल यह है कि यदि कॉलोनी की मूलभूत सुविधाएं अधूरी थीं तो संबंधित विभागों ने निर्माण की अनुमति कैसे दे दी? और यदि सब कुछ मानकों के अनुसार था, तो आज सीवर लाइनें जवाब क्यों दे रही हैं?
बदबू, बीमारी और बेबसी
सीवर लीकेज के कारण आसपास के क्षेत्र में लगातार दुर्गंध फैल रही है। गर्मी और बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। रहवासियों का कहना है कि गंदा पानी रिसने से संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग सिर्फ शिकायतें सुन रहे हैं, समाधान नहीं दे रहे।
आखिर जवाब देगा कौन?
- क्या कॉलोनी की सीवर लाइन कभी विधिवत मुख्य नेटवर्क से जोड़ी गई थी?
- आवश्यक चैंबरों का निर्माण क्यों नहीं हुआ?
- कॉलोनी विकास के समय तकनीकी स्वीकृति किस आधार पर दी गई?
- वर्षों से चली आ रही समस्या पर नगरपालिका और संबंधित विभाग मौन क्यों हैं?
अब चेतावनी
कॉलोनीवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराकर सीवर लाइन को मुख्य नेटवर्क से जोड़ने, आवश्यक चैंबर निर्माण कराने और लीकेज की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो सामूहिक रूप से ज्ञापन देकर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
इस संबंध में वसीम खान, शाहिद खान, अय्यूब नागौरी, सलीम पठान, हसन खान सहित अन्य रहवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
शहर पूछ रहा है—जब घरों तक सीवर का पानी पहुंचने लगे तो विकास के दावों का क्या मतलब रह जाता है?