डेस्क न्यूज़
05 June, 2026
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नीमच। जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद नीमच द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के तृतीय चरण “बावड़ी उत्सव” के अंतर्गत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम बोरदियाकलां एवं छायन में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
अभियान के तहत ग्राम बोरदियाकलां स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर बावड़ी पर बावड़ी पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति बोरदियाकलां द्वारा नवांकुर संस्था नीमच सुरेश लोक शिक्षण समिति के सहयोग से किया गया। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने बावड़ी का विधिवत पूजन कर जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में आयोजित संगोष्ठी के माध्यम से ग्रामीणों को पारंपरिक जल संरचनाओं के महत्व, जल संरक्षण की आवश्यकता तथा वर्षाजल संचयन के प्रति जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बावड़ियां, कुएं और तालाब हमारी सांस्कृतिक धरोहर होने के साथ-साथ जल संरक्षण के महत्वपूर्ण साधन भी हैं, जिनका संरक्षण समय की आवश्यकता है।
इसके पश्चात ग्राम छायन में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति द्वारा पंचायत परिसर में 11 छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं वृक्षारोपण के महत्व पर चर्चा करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक वीरेंद्र सिंह ठाकुर, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति बोरदियाकलां के प्रकाश सेन, मनोहरदास बैरागी, गोविंद सिंह एवं परमानंद भाटी, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के विद्यार्थी हरिओम गहलोत, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति छायन से सरपंच अमृतलाल रैगर, रणजीत सिंह, भगत नागदा, शेर सिंह, राजूदास बैरागी, पंचायत सचिव रामप्रसाद, बबलू सिंह, उदय सिंह, नवांकुर संस्था प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह चौहान एवं शशि परिहार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा एवं सामुदायिक सहभागिता का संदेश देते हुए लोगों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।