द वाॅचमेन पोस्ट
22 February, 2026
नीमच। शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र नीमच पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर किसान से लूट की कोशिश की खबर ने शनिवार को शहर में जबरदस्त सनसनी फैला दी। घटना की चर्चा आग की तरह फैलते ही आमजन में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे और कुछ ही घंटों में मामला चर्चा का केंद्र बन गया। तमाम सोशल मीडिया और यहां तक अखबारों ने भी ख़बरें छाप दी। हालांकि पुलिस की गहन जांच में पूरी कहानी पलट गई और कथित लूट की वारदात महज आपसी विवाद साबित हुई।
नीमच कैंट थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी ने स्पष्ट किया कि यह घटना लूट नहीं, बल्कि सड़क पर हुई हल्की टक्कर के बाद बढ़ा विवाद था। पुलिस के अनुसार बढ़कुआ गांव निवासी किसान मदनलाल राठौर फसल बेचने के बाद फव्वारा चौक पर उतरे थे। इसी दौरान अंबेडकर कॉलोनी निवासी दो युवक मोहसिन और रिहान से उनकी हल्की टक्कर हो गई। टक्कर के बाद शुरू हुई कहासुनी ने देखते ही देखते विवाद का रूप ले लिया। किसान आगे बढ़ते हुए एसपी कार्यालय के सामने पहुंचे तो दोनों युवक भी वहां पहुंच गए और बहस दोबारा तेज हो गई। मौके पर भीड़ जमा होने से माहौल तनावपूर्ण नजर आने लगा।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक युवक वहां से जा चुके थे। पुलिस किसान को थाने लेकर आई और थोड़ी देर बाद दोनों युवक भी स्वयं थाने पहुंच गए। इसके बाद जो किसान मारपीट का आवेदन दे कर गए थे वो वापस थाने नहीं पहुंचे।
सनसनी से सच्चाई तक
कुछ ही घंटों में शहर को दहशत में डाल देने वाली यह घटना आखिरकार गलतफहमी निकली। इस पूरे घटनाक्रम ने यह जरूर उजागर कर दिया कि अफवाहें किस तेजी से माहौल बिगाड़ सकती हैं और मामूली विवाद को भी बड़ी वारदात का रूप दे सकती हैं।
लूट की खबर का सच सामने आने के बाद स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन थोड़े समय के लिए शहर में सुरक्षा को लेकर उठे सवाल चर्चा का विषय जरूर बने रहे।