डेस्क न्यूज़
21 July, 2026
प्रशासनिक
कहीं जमीन पर कब्जा, कहीं मुआवजे की मांग तो कहीं घर से निकाले जाने की शिकायत" जनसुनवाई में उमड़े फरियादी
नीमच। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जिलेभर से पहुंचे 117 आवेदकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। जनसुनवाई में सबसे अधिक मामले भूमि विवाद, अतिक्रमण, मुआवजा, आवास, छात्रवृत्ति और आपसी विवादों से जुड़े रहे। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने सभी आवेदनों की सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों को समय-सीमा में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में धोकलखेड़ा निवासी कवरलाल ने शॉर्ट सर्किट से आग लगने के कारण फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की। वहीं नयागांव के सत्तू धाकड़ ने गौचर भूमि और नाले पर हुए अतिक्रमण को हटवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। हरकियाखाल के गजेंद्र कुमार ने निजी भूमि पर जबरन रास्ता निकालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जबकि दुधलाई निवासी रुकमणबाई ने अपनी भूमि पर कब्जा करने और विवाद उत्पन्न करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
शिक्षा से जुड़े मामलों में आरबीएस इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के छात्र पुष्कर अहिरवार ने लंबित छात्रवृत्ति स्वीकृत कराने की मांग रखी। वहीं बघाना निवासी यूनुस कुरैशी ने पुत्र द्वारा प्रताड़ित कर घर से निकाल देने की शिकायत करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। कंजार्डा की अन्नुबाई ने अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई।
बरथून निवासी अनिरुद्ध बैरागी ने न्यायालय के आदेश के बावजूद मंदिर भूमि पर दोबारा अतिक्रमण किए जाने का मामला उठाया। देवरी पड़दा के प्रहलाद सिंह बंजारा ने सरपंच पुत्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जबकि स्कीम नंबर-9 की मीना सोलंकी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
इसके अलावा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए अन्य आवेदकों ने भी राजस्व, पंचायत, सामाजिक सुरक्षा, आवास, अतिक्रमण और पारिवारिक विवादों से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए। जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार परीक्षण कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने अधिकारियों को गंभीर मामलों में मौके पर जांच कर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए।