कपिलसिंह चौहान
01 September, 2025
स्याही, पुतला दहन और शुद्धिकरण के बीच कांग्रेस की सफल रेली !
नीमच । मध्यप्रदेश की राजनीति में सोमवार का दिन नीमच के नाम रहा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का यहां वोट अधिकार सत्याग्रह कार्यक्रम था, लेकिन उनकी एक पुरानी टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी मैदान संभाल लिया। जो सभा और रैली महज़ कांग्रेस का आयोजन होनी थी, वह अचानक भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा सियासी दंगल बन गई।
सुबह-सुबह विधायक दिलीप सिंह परिहार ने ही मोर्चा खोल दिया. विधायक परिहार ने पटवारी पर हमला बोलते हुए घोषणा की कि महिला मोर्चा द्वारा पटवारी के नीमच आने पर विरोध किया जाएगा. उन्होंने कहा कि “जीतू पटवारी के दिमाग का दिवाला निकल गया है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि क्या जीतू पटवारी की मां-बहन शराब पीती हैं?” लगे हाथ भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष मीना जायसवाल ने भी ऐलान कर दिया—“अब नीमच की महिलाएं पटवारी को सबक सिखाएंगी।”
बाहेती ने भी दी चेतावनी
इधर सभास्थल पर तैयारीयां संभाल रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती ने जवाबी चेतावनी देते हुए कहा कि — “अगर हमारे नेता की सुरक्षा में चूक हुई, तो कांग्रेस भाजपा नेताओं को भी नहीं छोड़ेगी।”
भारत माता चौराहे पर सजा अखाड़ा
जैसे ही जीतू पटवारी का काफिला भारत माता चौराहे पर पहुंचा तो नज़ारा किसी अखाड़े से कम नहीं था—भाजपा महिला मोर्चा पुतला जला रही थी, दूसरी और कांग्रेस कार्यकर्ता नारे लगा रहे थे, इस बीच पटवारी खुद भी पीछे नहीं हटे— गाड़ी की छत पर चढ़ गए और “वोट चोर—गद्दी छोड़” का नारा लगाते हुए भाजपाई खेमे की तरफ तख्ती लहराई। नज़ारा कुछ ऐसा था मानो अखाड़ा सज गया हो।
नारेबाजी, स्याही, पुतला दहन के बीच प्रशासन को करना पड़ी मशक्कत
इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी बीच में बाड़ की तरह खड़े थे । स्थिति बिगड़ने से पहले ही एसडीएम संजीव साहू और पुलिस बल सक्रिय हो गए। प्रशासन ने पटवारी के काफिले को तेजी से गांधी भवन तक पहुंचाने की कोशिश की । उन्हें दोनों पक्षों को अलग रखने में मशक्कत करनी पड़ी।
भाजपाईयों को प्रदर्शन करते देख कई कांग्रेसी भी समूह बना कर सभास्थल छोड़ नारेबाजी करते हुए खुर्शीद टाकीज तक आ गए. यहाँ कांग्रेसियों को रोकने प्रशासन को बेरिकेडिंग करना पडी और चौराहे का हर रास्ता बंद कर दिया गया. सत्ताधारी दल और विपक्ष आमने-सामने हो गए. प्रशासन ने काफी कोशिशों के बाद स्थिती पर नियंत्रण बनाए रखा. पटवारी का काफिला गुज़रा, भाजपाइयों ने काले झंडे दिखाए और स्याही उछाल दी। कुछ छींटे पटवारी तक पहुंचे, सब इंस्पेक्टर सौरभ शर्मा समेत कुछ पुलिसकर्मियों की वर्दी धुलाई मांगने लगी।
एसडीम भी बैरिकेड पर चढ़ कर दूसरी और पहुंचे
सभा के पश्चात कांग्रेस का काफिला ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ा तो पुलिस ने संजीवनी पुलिया पर बैरिकेड लगाकर रोक दिया। यहाँ अलग नजारा देखने मिला जब कांग्रेसी बैरिकेड पर चढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें सख्ती से रोका. एसडीएम संजीव साहू ने तय किया कि वे खुद पटवारी तक पहुंच उनसे ज्ञापन लेंगे. लेकिन बेरिकेडिंग इतनी मजबूत थी कि एसडीम को भी दूसरी और जाने के लिए बैरिकेड पर चढ़ कर जाना पड़ा और फिर कांग्रेस जन ने वहीं ज्ञापन दिया।
अंत में छिड़का गया गंगाजल
अंत में भाजपा ने जीतू पटवारी के कदम पड़ने के बाद शहर को अपवित्र मान कर भारत माता चौराहे पर गंगाजल छिड़क शुद्धिकरण कर डाला।
कुल मिलाकर तरुण बाहेती की जिलाध्यक्ष ताजपोशी के बाद हुए पहले कार्यक्रम में कांग्रेस की अच्छी खासी भीड़ जुटी. भाजपा के विरोध प्रदर्शन के निर्णय से भी कांग्रेस को लाभ ही हुआ. भाजपा के मैदान में उतरने से कांग्रेसी अपनी आपसी लड़ाई भूल कर भाजपा से लड़ने के लिए एकजुट हो गए. इधर प्रशासन के अनावश्यक अतिरिक्त इंतजामो की वजह से भी कांग्रेस की रेली और प्रचारित हुई. इंतजामों ने कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाया जिससे लोग और सड़को पर आए.
द वॉचमैन पोस्ट