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फसल विविधीकरण ने बदली किसान हरीश पाटीदार की तकदीर, ड्रैगन फ्रूट और फूलों की खेती से लाखों की कमाई

डेस्क न्यूज़ 27 July, 2026 अन्य

नीमच | खेती में नवाचार और आधुनिक तकनीक अपनाने का परिणाम अब किसानों की बदलती तस्वीर के रूप में सामने आ रहा है। नीमच जिले के ग्राम हाड़ी पिपलिया के किसान हरीश पाटीदार ने परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए फसल विविधीकरण को अपनाया और अपनी मेहनत से खेती को मुनाफे का व्यवसाय बना दिया।

कुछ वर्ष पहले तक हरीश पाटीदार सोयाबीन, मक्का, गेहूं, चना, सरसों, लहसुन सहित परंपरागत फसलों की खेती करते थे। लेकिन बढ़ती लागत और सीमित आय को देखते हुए उन्होंने खेती में बदलाव करने का निर्णय लिया।

नई संभावनाओं की तलाश में उन्होंने मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों और महाराष्ट्र का भ्रमण कर आधुनिक खेती की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने अपने खेत में गुलाब, गेंदा और ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। बेहतर उत्पादन के लिए उन्होंने ड्रिप सिंचाई और फर्टिगेशन जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाया।

आज हरीश पाटीदार 3 एकड़ में गुलाब, 2 एकड़ में गेंदा और 2 एकड़ में ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। इन फसलों से उन्हें हर साल लगभग 14.72 लाख रुपये की सकल आय प्राप्त हो रही है, जबकि लागत निकालने के बाद करीब 8 लाख रुपये का शुद्ध वार्षिक लाभ हो रहा है।

हरीश पाटीदार की सफलता अब पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है। उनकी खेती से प्रभावित होकर गांव के कई किसानों ने भी फूलों की खेती शुरू कर दी है। वे स्वयं अन्य किसानों को आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

हरीश पाटीदार का कहना है कि खेती में बदलाव और नई तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कृषि एवं उद्यानिकी विभाग तथा आत्मा परियोजना से मिले तकनीकी मार्गदर्शन को दिया है।

परंपरागत खेती से आधुनिक खेती तक का यह सफर साबित करता है कि सही योजना, मेहनत और नवाचार के साथ खेती भी आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बन सकती है।

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