डेस्क न्यूज़
27 July, 2026
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नीमच | युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें आधुनिक कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को जिला कौशल विकास समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, अधिक से अधिक युवाओं को योजना से जोड़ने और शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों यानी आईटीआई में महिला प्रवेश बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमन वैष्णव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिले के अधिक से अधिक युवाओं तक मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना की जानकारी पहुंचाई जाए और पात्र युवाओं का पंजीयन कराकर उन्हें प्रशिक्षण से जोड़ा जाए।
बैठक में बताया गया कि युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार जरूरी है। इसके लिए विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाने और युवाओं को योजना के लाभों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान जिले की जावद, मनासा और रामपुरा स्थित शासकीय आईटीआई द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति नहीं किए जाने का मुद्दा भी सामने आया। इस पर संबंधित आईटीआई प्राचार्यों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए, ताकि योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।
बैठक में शासकीय आईटीआई में छात्राओं की संख्या बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। विद्यालय स्तर पर छात्राओं को आईटीआई पाठ्यक्रमों, तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसरों की जानकारी देने के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित करने की बात कही गई।
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि आज के समय में कौशल आधारित शिक्षा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल रही है। आईटीआई जैसे संस्थानों के माध्यम से युवा विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण के साथ कार्य अनुभव उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि वे उद्योगों की जरूरतों के अनुसार अपने कौशल को विकसित कर सकें।
बैठक में जिला कौशल विकास समिति के सदस्यों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। सभी सदस्यों ने कौशल विकास योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने, युवाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।