डेस्क न्यूज़
25 July, 2026
अपराध
20 महीने की मेहनत की कमाई मांगने पर कथित तौर पर रची गई साजिश, खेत के टीन शेड में बंद कर बेरहमी से की मारपीट, मोबाइल तोड़ा, जान से मारने की धमकी... पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण
नीमच | जिले के जावद थाना क्षेत्र से सामने आई यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि मेहनतकश मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आरोप है कि करीब 20 महीने की बकाया मजदूरी मांगने की "सजा" एक मजदूर को रातभर बंधक बनकर, बेल्ट और लाठियों से बेरहमी से पिटने के रूप में मिली। आरोपी के पूरे शरीर पर बेल्ट, लाठी और प्रताड़ना के निशान साफतौर पर देखे जा सकते है। जिला अस्पताल में उपचार जारी है फेक्चर की भी बात कही जा रही है।
पीड़ित सुरेश जाट (35) निवासी कुकड़ेश्वर थाना क्षेत्र खड़ावदा ने जावद थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया है कि वह पिछले दो वर्षों से अशोक जाट का कुल्फी टेम्पो चलाता था। उसकी मासिक तनख्वाह ₹12,000 तय थी, लेकिन आरोप के अनुसार लगभग 20 महीने में उसे केवल ₹20,000 ही दिए गए। जब भी उसने अपनी मेहनत की कमाई मांगी, उसे टाल दिया गया।
काम छोड़ा तो रची गई कथित साजिश
एफआईआर के अनुसार, पांच दिन पहले जब सुरेश ने दोबारा मजदूरी के पैसे मांगे तो कथित रूप से उसे साफ कह दिया गया कि उसे पैसे नहीं मिलेंगे। इसके बाद उसने काम छोड़ दिया और नीमच में विजय टॉकीज चौराहे के पास एक चाय की गुमटी पर काम करने लगा।
23 जुलाई की रात करीब 9 बजे, आरोप है कि अशोक जाट निवासी रुपपुरा, हरीश जाट निवासी खड़ावदा और पप्पू बैरागी निवासी रुपपुरा इको वाहन से वहां पहुंचे। उन्होंने सुरेश को यह कहकर साथ चलने के लिए तैयार किया कि दो दिन में उसका पूरा बकाया भुगतान कर देंगे और दोबारा काम पर रख लेंगे। भरोसा कर सुरेश उनके साथ बैठ गया।
खेत के टीन शेड में बनाया बंधक, मोबाइल तोड़ा
शिकायत के अनुसार, आरोपी उसे अशोक जाट के खेत पर ले गए। वहां पहुंचते ही गाली-गलौज शुरू हो गई। आरोप है कि उसका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया गया और फिर उसे खेत पर बने टीन के कमरे में ले जाकर बाहर से बंद कर दिया गया।
यहीं से कथित तौर पर हैवानियत की शुरुआत हुई।
थ्रेशर मशीन की बेल्ट से पीटा, शरीर पर गंभीर चोटें
एफआईआर में आरोप है कि अशोक जाट ने थ्रेशर मशीन में लगने वाली बेल्ट से सुरेश की बेरहमी से पिटाई की। मारपीट के दौरान उसके शरीर के कई हिस्सों पीठ, दाहिने पैर, दोनों कोहनियों, हाथ और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं।
पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान उसे धमकी दी गई कि यदि उसने दोबारा काम छोड़ा या मजदूरी मांगी तो उसे जान से खत्म कर दिया जाएगा।
पूरी रात कमरे में बंद रखा, सुबह परिजनों ने छुड़ाया
एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने सुरेश को पूरी रात कमरे में बंद रखा। अगले दिन सुबह करीब 10 बजे उसकी बहन के ससुर बदीलाल जाट और जीजा मुकेश जाट खेत पर पहुंचे। उन्होंने कमरे का दरवाजा खुलवाकर सुरेश को बाहर निकाला और अपने साथ ले गए। इसके बाद उसने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई और भाई विक्रम जाट सहित अन्य लोगों के साथ जावद थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पीड़ित की शिकायत पर जावद थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं
127(2) – गलत तरीके से बंधक/निरोध,
296(b) – अश्लील गाली-गलौज,
115(2) – जानबूझकर चोट पहुंचाना,
351(3) – आपराधिक धमकी,
3(5) – साझा आपराधिक कृत्य,
के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।