द वाॅचमेन पोस्ट
24 July, 2026
अपराध
मनासा। जिले में नाबालिग बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन मुस्कान" के तहत मनासा पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। घर से लापता हुई दो नाबालिग बालिकाओं को पुलिस ने चंद घंटों में तलाश कर सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से दोनों परिवारों ने राहत की सांस ली।
पहला मामला 22 जुलाई का है, जब एक पिता ने थाना मनासा पहुंचकर बताया कि वह मंदिर गया था। वापस लौटने पर उसकी नाबालिग बेटी घर से गायब मिली। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। वहीं दूसरे मामले में एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बहन स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन न तो स्कूल पहुंची और न ही घर लौटी।
दोनों मामलों में थाना मनासा ने तत्काल धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। मामला संवेदनशील होने के कारण थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश अवस्थी ने अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कर संभावित स्थानों पर रवाना किया। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया, सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी की तथा साइबर शाखा और मुखबिर तंत्र की मदद से दोनों बालिकाओं का पता लगा लिया।
सकुशल दस्तयाब करने के बाद पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर दोनों नाबालिग बालिकाओं को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल एवं एसडीओपी शाबेरा अंसारी के मार्गदर्शन में "ऑपरेशन मुस्कान" के तहत की गई।
सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश अवस्थी, उप निरीक्षक सपना राठौड़, सहायक उप निरीक्षक दिलीप कुमार, सहायक उप निरीक्षक गोविंद सिंह राठौड़, प्रधान आरक्षक रेखा गुर्जर, महिला आरक्षक सपना शक्तावत, आरक्षक राजमल कुमावत तथा साइबर शाखा नीमच की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।