डेस्क न्यूज़
08 July, 2026
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नीमच। जिले के मंदिरों में सेवा दे रहे पुजारियों के हितों को लेकर बुधवार को वैष्णव बैरागी समाज के तत्वावधान में आर्यावर्त षड्दर्शन साधु मंडल एवं श्री रामानंदी नवनिर्माण सेना के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मंदिरों के पुजारियों को किसान के रूप में मान्यता दिलाने, फार्मर आईडी जारी करने, कृषि कार्य के लिए खाद-बीज उपलब्ध कराने तथा सहकारी बैंकों से कृषि ऋण की सुविधा प्रदान करने की मांग की गई।
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि जिले के अधिकांश पुजारी धार्मिक एवं सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करने के साथ-साथ अपनी आजीविका के लिए कृषि कार्य भी करते हैं। इसके बावजूद भूमि संबंधी तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण वे किसान के रूप में पंजीकृत नहीं हो पा रहे हैं। परिणामस्वरूप उन्हें फार्मर आईडी नहीं मिल रही है और वे शासन द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं, अनुदान, खाद-बीज वितरण तथा सहकारी बैंकों से मिलने वाली ऋण सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।
ज्ञापन में मांग की गई कि इंदौर जिला सहकारी बैंक की तर्ज पर नीमच जिले में भी मंदिरों के पुजारियों के लिए विशेष कृषि ऋण योजना प्रारंभ की जाए। साथ ही पात्र पुजारियों के लिए फार्मर आईडी जारी करने की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाया जाए, ताकि उन्हें शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।
प्रतिनिधियों ने यह भी आग्रह किया कि जिले की सभी सहकारी समितियों एवं सहकारी बैंकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, जिससे पात्र पुजारियों को समय पर खाद, बीज, कृषि ऋण एवं अन्य कृषि संबंधी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उनका कहना था कि वर्तमान व्यवस्था में कई पुजारी केवल तकनीकी कारणों से सरकारी लाभ से वंचित हैं, जबकि वे वर्षों से कृषि कार्य करते आ रहे हैं।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शासन उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेता है तो इससे पुजारियों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा, उनकी आजीविका अधिक मजबूत बनेगी तथा वे धार्मिक सेवाओं के साथ कृषि कार्य भी बेहतर ढंग से कर सकेंगे। इससे मंदिरों की धार्मिक एवं सामाजिक व्यवस्थाओं को भी मजबूती मिलेगी।
अंत में समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया, ताकि जिले के पात्र पुजारियों को भी अन्य किसानों की तरह शासन की कृषि कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त हो सके।