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लाईनमैन बनकर घर में घुसे, जेवरात चोरी किए... 10 साल बाद दो आरोपियों को मिली सजा

डेस्क न्यूज़ 07 July, 2026 अन्य

नीमच। करीब दस वर्ष पुराने चोरी के मामले में नीमच न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास और 500-500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों ने खुद को बिजली विभाग का लाइनमैन बताकर दिन-दहाड़े एक घर में प्रवेश किया था और सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए थे।

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राजेश्वरी जर्मन ने अपने फैसले में आरोपी गोविंद सिंह पिता नंदलाल बावरी (44 वर्ष) एवं पेमा उर्फ प्रेमचंद्र पिता नंदलाल बावरी (36 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम धामनिया, जिला नीमच को भारतीय दंड संहिता की धारा 380 एवं 454 के तहत दोषी मानते हुए एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास तथा 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओ राजेन्द्र नायक ने बताया कि घटना 19 अक्टूबर 2016 की है। फरियादी घनश्याम सिंह का परिवार खेत पर काम करने गया था, जबकि घर पर केवल उनके वृद्ध पिता मांगीलाल मौजूद थे। इसी दौरान दोनों आरोपी स्वयं को बिजली विभाग का लाइनमैन बताकर घर पहुंचे और बिजली उपकरण जांचने की बात कही। बातचीत के दौरान आरोपियों ने घर की चाबी देख ली, ताला खोलकर अंदर घुसे और अलमारी व ड्रम में रखे सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर फरार हो गए।

बाद में फरियादी के पुत्र के घर पहुंचने पर चोरी का पता चला। सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तत्कालीन विवेचक एएसआई चैनसिंह सौलंकी ने संदेह के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से चोरी गए जेवरात बरामद किए। विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।

विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने फरियादी, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों एवं विवेचक सहित महत्वपूर्ण साक्षियों के बयान कराए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उपरोक्त सजा सुनाई। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ राजेन्द्र नायक ने की।

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