डेस्क न्यूज़
08 July, 2026
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नीमच। शहर के सीआरपीएफ परिसर में मंगलवार को सीवरेज लाइन की मरम्मत के दौरान एक दर्दनाक हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई। प्रारंभिक आशंका है कि गहरे सीवरेज चैंबर में जहरीली गैस भर जाने से यह हादसा हुआ। घटना के बाद ठेका कंपनी पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगे हैं। कैंट थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान महेश पिता जालौर सिंह (25) निवासी नाहरपुरा, जिला झाबुआ तथा रूपेश पिता रामू शाह तेली (19) निवासी सुपौल, बिहार के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार महेश पिछले तीन-चार माह से सीआरपीएफ परिसर में मजदूरी कर रहा था। मंगलवार दोपहर वह सीवरेज लाइन की मरम्मत के कार्य में लगा था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उसकी पत्नी अनीता बाई उसे तलाशते हुए कार्यस्थल पहुंची। बारिश थमने के बाद जब उसने निर्माणाधीन सीवरेज चैंबर में झांककर देखा तो महेश अंदर अचेत अवस्था में पड़ा मिला। यह देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
महेश को बचाने के लिए उसके साथी रूपेश ने बिना किसी सुरक्षा उपकरण के चैंबर में उतरकर उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन अंदर मौजूद जहरीली गैस की चपेट में आने से वह भी बेहोश होकर गिर पड़ा। बाद में अन्य मजदूरों और कर्मचारियों ने दोनों को बाहर निकाला।
दोनों मजदूरों को सीआरपीएफ की एंबुलेंस और अन्य वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर कैंट थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए रखवाया।
हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। महेश अपने पीछे पत्नी और तीन मासूम बच्चों को छोड़ गया है, जिनकी उम्र करीब दो, पांच और सात वर्ष है। वहीं रूपेश के भाई श्रवण कुमार ने बताया कि दोनों भाई महज चार दिन पहले ही बिहार से मजदूरी के लिए नीमच आए थे। रूपेश अपने माता-पिता, दो बहनों और भाई का सहारा था।
घटना के बाद साथी मजदूरों ने ठेका कंपनी एसएस टोटल पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि इतने गहरे सीवरेज चैंबर में काम कराने के बावजूद मजदूरों को न तो गैस डिटेक्टर उपलब्ध कराया गया और न ही ऑक्सीजन सिलेंडर, सेफ्टी मास्क, सेफ्टी बेल्ट अथवा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण दिए गए। उनका आरोप है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो दोनों मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी।
कैंट थाना प्रभारी सौरभ शर्मा ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच तथा सीआरपीएफ अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर हादसे के कारणों की जांच की जाएगी। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।