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सिंगोली के हादसे से भी नहीं चेता सिस्टम! नीमच में जर्जर 'बेधड़क बिल्डिंग' का छज्जा गिरा, टला बड़ा हादसा

डेस्क न्यूज़ 07 July, 2026 अन्य

नीमच। शहर में जर्जर भवनों को लेकर प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। गांधी वाटिका स्थित रतन देवी मांगलिक भवन के सामने मौजूद करीब 65 वर्ष पुरानी चर्चित 'बेधड़क बिल्डिंग' का बाहरी छज्जा सोमवार रात करीब 11:45 बजे अचानक भरभराकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि देर रात और बारिश होने के कारण उस समय नीचे कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

यह भवन वर्षों से जर्जर हालत में खड़ा है, लेकिन इसके बावजूद न तो इसे सुरक्षित करने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया और न ही इसे खतरनाक घोषित कर खाली कराया गया। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस भवन में आज भी 14 से अधिक परिवार किराए पर रह रहे हैं। करीब 55 से ज्यादा लोगों की जिंदगी हर दिन खतरे के साए में गुजर रही है। सोमवार रात छज्जा गिरने की घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह इमारत कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

शहर में ऐसे कई पुराने और जर्जर भवन मौजूद हैं, जो लगातार लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा व्यापक सर्वे कर ऐसे भवनों को चिन्हित करने और उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने की दिशा में गंभीर प्रयास नजर नहीं आ रहे हैं।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले जिले के सिंगोली में भी एक जर्जर भवन ढहने से मां और बेटे की दर्दनाक मौत हो गई थी। उस घटना के बाद प्रशासन ने सख्ती के दावे जरूर किए थे, लेकिन बेधड़क बिल्डिंग की मौजूदा स्थिति उन दावों की हकीकत बयां कर रही है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी और बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है, या फिर इस घटना के बाद शहर के जर्जर और जानलेवा भवनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छज्जा गिरने से बड़ा हादसा तो टल गया, लेकिन खतरा अभी भी बरकरार है।

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