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सीआरपीएफ परिसर के सीवरेज चैंबर में दर्दनाक हादसा:जहरीली गैस से दो मजदूरों की मौत,साथी को बचाने उतरा युवक भी नहीं लौटा जिंदा

डेस्क न्यूज़ 07 July, 2026 दुर्घटना

नीमच। नीमच स्थित सीआरपीएफ परिसर में मंगलवार को सीवरेज लाइन की मरम्मत के दौरान एक दर्दनाक हादसे में दो मजदूरों की जान चली गई।आशंका है कि गहरे सीवरेज चैंबर में जहरीली गैस भर जाने से पहले एक मजदूर बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे बचाने के लिए उसका साथी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के नीचे उतरा,लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद ठेका कंपनी पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतकों में महेश पिता जालौर सिंह उम्र 25 निवासी नाहरपुरा (जिला झाबुआ) तथा रूपेश पिता रामू शाह तेली,उम्र 19 निवासी सुपौल (बिहार) शामिल हैं।

पत्नी तलाशते हुए पहुंची तो चैंबर में बेसुध पड़ा मिला पति

जानकारी के अनुसार महेश पिछले तीन-चार माह से सीआरपीएफ परिसर में मजदूरी कर रहा था। मंगलवार दोपहर वह सीवरेज लाइन की मरम्मत के कार्य के लिए निकला था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उसकी पत्नी अनीता बाई उसे तलाशते हुए कार्यस्थल पहुंची। बारिश थमने के बाद जब उसने निर्माणाधीन सीवरेज चैंबर में झांककर देखा तो महेश अंदर बेसुध अवस्था में पड़ा दिखाई दिया। यह दृश्य देखते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

साथी को बचाने उतरा, लेकिन खुद भी बन गया हादसे का शिकार

महेश को चैंबर में अचेत देखकर बिहार के सुपौल निवासी रूपेश ने बिना देर किए उसे बचाने का प्रयास किया और चैंबर में उतर गया। लेकिन अंदर मौजूद जहरीली गैस के कारण वह भी कुछ ही क्षणों में बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों और कर्मचारियों ने दोनों को बाहर निकाला।

 

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम चुकी थीं सांसें

दोनों मजदूरों को शाम को सीआरपीएफ की एंबुलेंस और एक टेंपो की सहायता से जिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए रखवाकर मर्ग कायम किया।

एक तरफ जहा महेश की मौत के बाद उसके परिवार में अब पत्नी और तीन मासूम बच्चे रह गए जिनकी उम्र करीब 2, 5 और 7 वर्ष बताई जा रही है। परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य खोने से घर में मातम पसरा हुआ है। वहीं रूपेश के भाई श्रवण कुमार ने बताया कि दोनों भाई महज चार दिन पहले ही बिहार से मजदूरी करने नीमच आए थे। रूपेश अपने माता-पिता, दो बहनों और भाई का प्रमुख सहारा था।

सुरक्षा उपकरण नहीं देने के गंभीर आरोप

हादसे के बाद साथी मजदूरों ने ठेका कंपनी एसएस टोटल पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि इतने गहरे सीवरेज चैंबर में काम कराने के बावजूद मजदूरों को न तो सेफ्टी मास्क दिए गए और न ही ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस डिटेक्टर, सेफ्टी बेल्ट या अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए। मजदूरों का आरोप है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी।

हर पहलू की जांच करेगी पुलिस

कैंट थाना प्रभारी सौरभ शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल और सीआरपीएफ अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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