डेस्क न्यूज़
02 July, 2026
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भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 17 अगस्त 2026 तक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। याचिका में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, जर्जर भवनों, शौचालय, बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव को गंभीर मुद्दा बनाया गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल. जैन द्वारा दायर जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर एवं न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक तुगनावत ने न्यायालय को बताया कि प्रदेश में 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अब भी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
याचिका में कैग (CAG) की वर्ष 2025 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि प्रदेश में स्वीकृत 2.89 लाख शिक्षकों के पदों में से 1,15,678 पद रिक्त हैं। 83,514 सरकारी स्कूलों में से लगभग 5 हजार स्कूलों के भवन जर्जर हैं, 3,400 स्कूलों में शौचालय नहीं हैं, 10 हजार स्कूलों में बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जबकि 1,895 स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक पदस्थ नहीं है। इसके अलावा करीब 40 हजार स्कूलों में बाउंड्रीवाल नहीं है और हजारों स्कूलों में शुद्ध पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
याचिका में यह भी कहा गया कि प्रदेश के लगभग 59 हजार स्कूलों में कंप्यूटर सुविधा उपलब्ध नहीं है और कई स्कूल आज भी झोपड़ियों में संचालित हो रहे हैं। वहीं पिछले दस वर्षों में कक्षा पहली से बारहवीं तक सरकारी स्कूलों में करीब 22 लाख विद्यार्थियों की संख्या कम हुई है, जबकि इस दौरान प्रदेश की जनसंख्या में वृद्धि हुई है।
याचिकाकर्ता ने न्यायालय का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया कि सर्वोच्च न्यायालय ने जनवरी 2026 में सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छात्राओं के लिए निःशुल्क सेनेटरी पैड तथा छात्र-छात्राओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई स्थानों पर इनका पालन नहीं हो रहा है।
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 17 अगस्त 2026 तक विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई सरकारों के जवाब के बाद होगी।