डेस्क न्यूज़
01 July, 2026
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दौसा | राजस्थान के दौसा जिले में बुधवार तड़के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे ने आठ लोगों की जान ले ली, जबकि 29 यात्री घायल हो गए। हादसा कोलवा थाना क्षेत्र के धनावड़ के पास जीरो प्वाइंट पर हुआ, जहां ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में तुरंत भीषण आग लग गई और कुछ ही देर में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई।
पुलिस के अनुसार बस में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के करीब 40 यात्री सवार थे। हादसे में छह यात्रियों की मौत आग में झुलसने से हुई, जबकि दो लोगों ने सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और राहत-बचाव कार्य के लिए पुलिस, दमकल और एंबुलेंस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
दौसा के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बताया कि हादसे में 29 लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। अब तक नौ घायलों की पहचान हो चुकी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बस चालक को नींद की झपकी आने के कारण यह दुर्घटना हुई, हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच जारी है।
हादसे के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने भी घटना पर शोक जताते हुए सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भी इस दर्दनाक हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए दिवंगतों की आत्मा की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की यात्री बसों की सुरक्षा, चालक की कार्य अवधि और सड़क सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।