ताजासमाचार

हंगामे और तीखी बहस के बीच नपा परिषद के 44 प्रस्ताव पास, नामांतरण के एक प्रस्ताव पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने

डेस्क न्यूज़ 01 July, 2026 अन्य

नीमच। नगर पालिका परिषद का विशेष सम्मेलन बुधवार को हंगामे, तीखी बहस और राजनीतिक टकराव के बीच संपन्न हुआ। करीब दो घंटे से अधिक चली बैठक में कुल 44 प्रस्तावों पर चर्चा हुई और अंततः सभी प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिए गए। हालांकि सम्मेलन का सबसे बड़ा विवाद प्रस्ताव क्रमांक-44 के तहत लीज नवीनीकरण (नामांतरण) के एक प्रकरण को लेकर देखने को मिला, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए।

बैठक की शुरुआत विपक्ष द्वारा शहर में दूषित पेयजल आपूर्ति, अनियमित जल वितरण और जल संकट का मुद्दा उठाने के साथ हुई। विपक्षी पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। इस पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी दुर्गा बामनिया ने तकनीकी कारण बताते हुए सुधारात्मक प्रयासों की जानकारी दी।

इसके बाद सफाई व्यवस्था पर भी सदन में तीखी बहस हुई। पार्षद भारत अहीर, हरगोविंद दीवान सहित कई सदस्यों ने सफाई कर्मचारियों की कमी, कचरा वाहनों के अभाव और बिगड़ती सफाई व्यवस्था पर प्रशासन को घेरा। वहीं वार्ड क्रमांक-11 के पार्षद ने अपने क्षेत्र में विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।

कर्मचारियों की सेवाओं को मिली मंजूरी

परिषद ने 20 संविदा कम्प्यूटर ऑपरेटरों की 11 माह की सेवा अवधि बढ़ाने, स्वास्थ्य शाखा के 40 कर्मचारियों एवं 330 अस्थायी जनसेवकों की सेवाएं 89-89 दिन के लिए जारी रखने सहित मृत मवेशी उठाने वाले श्रमिकों, तरण पुष्कर कर्मचारियों, वाहन चालकों, हेल्परों और अन्य संविदा कर्मचारियों की सेवाएं जारी रखने के प्रस्तावों को मंजूरी दी।

विकास कार्यों को हरी झंडी

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण, ईडब्ल्यूएस भवनों के आवंटन, विभिन्न वार्डों में सीसी रोड, नाली निर्माण, सड़क निर्माण, आश्रय निधि से विकास कार्य, इंटेकवेल, हिंगोरिया फिल्टर प्लांट संचालन, श्वानों की नसबंदी, इंदिरा स्टेडियम और लाइस पार्क के विकास सहित करोड़ों रुपये के विकास कार्यों को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।

नामकरण प्रस्तावों पर भी हुआ विवाद

सम्मेलन में शहर के विभिन्न मार्गों, चौराहों, उद्यानों और भवनों के नामकरण से जुड़े प्रस्तावों पर भी लंबी चर्चा हुई। अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्थापना, श्यामा प्रसाद मुखर्जी वाटिका, महाराज दक्ष प्रजापति मार्ग, गोधाम बालाजी मार्ग और टंट्या भील के नाम पर भवन नामकरण जैसे प्रस्तावों पर पार्षद अरुण प्रजापति सहित कई सदस्यों ने जाति विशेष के आधार पर नामकरण का विरोध किया और राष्ट्रीय महापुरुषों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर सार्वजनिक स्थलों का नामकरण करने की मांग रखी। इस दौरान भाजपा के भीतर भी मतभेद सामने आए। बाद में भाजपा जिला अध्यक्ष वंदना खंडेलवाल एवं विधायक प्रतिनिधि हेमंत हरित की समझाइश के बाद भाजपा पार्षद प्रस्तावों पर सहमत हुए।

नामांतरण के प्रस्ताव पर सबसे ज्यादा बवाल

बैठक के अंतिम चरण में प्रस्ताव क्रमांक-44 प्रस्तुत किया गया, जिसमें नगर पालिका की विभिन्न योजनाओं के 114 लीज नवीनीकरण (नामांतरण) प्रकरणों को मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा गया। इनमें अनुक्रमांक-94 के एक प्रकरण पर विपक्षी पार्षदों ने प्रक्रिया और पात्रता पर सवाल उठाते हुए पुनर्विचार की मांग की।

इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस, नोकझोंक और हंगामे की स्थिति बन गई। मामला मत विभाजन तक पहुंचा, जिसके बाद बहुमत से प्रस्ताव पारित हो गया। हालांकि भाजपा के पांच पार्षदों ने भी इस प्रकरण पर पुनर्विचार की आवश्यकता जताकर अलग राय रखी।

करीब दो घंटे तक चले इस विशेष सम्मेलन में कर्मचारियों की सेवाएं, विकास कार्य, आवास योजनाएं, सड़क-नाली निर्माण, जलप्रदाय, नामकरण और नामांतरण सहित सभी 44 प्रस्ताव पारित हो गए, लेकिन प्रस्ताव क्रमांक-44 पर हुआ विवाद पूरे सम्मेलन का सबसे चर्चित विषय बनकर सामने आया।

Related Post