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मनासा में 93वां सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ सम्पन्न, हजारों श्रद्धालुओं ने भक्ति और समरसता का दिया संदेश

डेस्क न्यूज़ 01 July, 2026 अन्य

मनासा। "भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे" के जयघोष के साथ मनासा में मंगलवार रात 93वां सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में सम्पन्न हुआ। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में आयोजित इस विराट धार्मिक आयोजन ने एक बार फिर सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और सामूहिक भक्ति की अनूठी मिसाल पेश की।

अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के युवा विद्वान एवं रामराष्ट्र आराधक साहित्याचार्य संत श्री चेतनराम जी (उदयपुर) की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ यह धार्मिक अभियान नगर में लगातार आगे बढ़ रहा है और अब अपने 93वें सोपान तक पहुंच चुका है। आयोजन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग में ईश्वर के प्रति आस्था को मजबूत करना तथा सामाजिक एकता और समरसता को बढ़ावा देना है।

इस बार का आयोजन श्री भाट भेरू मित्र मंडल के सौजन्य से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित अरविंद नागदा, पार्षद अनिल राठौर, मनोज सेन, नरेंद्र राठौर, नानालाल कछावा, सोनू टेलर, भूपेंद्र राठौर, जगदीश द्विवेदी, दिलीप नागदा, अंकुश मंत्री, ब्रजेश राठौर सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीहनुमान के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया।

सत्संग के दौरान भजन गायकों ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से भक्तिमय वातावरण बना दिया। राजकुमार मारू ने "सिंदूर चढ़ाने से सब काम होता है", सत्यनारायण सोनी ने "भूत पिशाच निकट नहीं आवे, पढ़ो हनुमान चालीसा", समरथ खाटवा ने श्रीहनुमान जी की महिमा का गुणगान किया। कमल विजयवर्गीय ने "कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आणौ है" भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया, जबकि गोपाल राठौर ने मालवा-मेवाड़ के आराध्य श्री चारभुजाजी की प्रसिद्ध लावणी "हेलो हुणजे रे मारा रूप चतुरभुज भाला वारा रे" पर भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। ओम सोनी ने "रामजी की सेना चली" भजन के माध्यम से भगवान श्रीराम के लंका प्रस्थान का सजीव चित्रण किया। वहीं अरुण झंवर और अर्पित शर्मा ने भेरूजी की सेवा में भजन प्रस्तुत किए।

सत्संग का समापन समन्वयवादी संत, निवृत्त जगद्गुरु शंकराचार्य एवं पद्म विभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज द्वारा रचित प्रसिद्ध प्रार्थना "अब सौंप दिया इस जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में" के सामूहिक गायन के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

अंत में सनातन सत्संग मंडल ने सफल आयोजन के लिए श्री भाट भेरू मित्र मंडल सहित सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। साथ ही आगामी 94वें श्रीहनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग में 7 जुलाई, मंगलवार रात्रि 8:30 बजे श्रीराम द्वारा, मनासा पर अधिक से अधिक संख्या में परिवार सहित उपस्थित होकर धर्म और संस्कृति के इस महाअभियान को सफल बनाने का आग्रह किया गया।

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