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ट्रेन में नशीली चाय पिला कर लूटा, बेहोशी की हालत में उदयपुर-चित्तोड़ के बीच सफ़र करता रहा यात्री: शातिर जहरखुरान को 5 साल की जेल: नीमच कोर्ट का बड़ा फैसला

डेस्क न्यूज़ 23 June, 2026 अपराध

नीमच। ट्रेन के जनरल डिब्बों में सहयात्रियों को अपनी बातों के जाल में फंसाकर और नशीला पदार्थ पिलाकर लूटने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय जहरखुरान को नीमच की अदालत ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। प्रधान सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह राजपूत के न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का फैसला सुनाया है। ट्रेनों में जहरखुरानी करने वाले गिरोह के खिलाफ कोर्ट के इस कड़े रुख से अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

यूं रचा गया था ट्रेन के भीतर 'खतरनाक खेल'
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात मंदसौर के रहने वाले यात्री प्रेम कुमार शर्मा के साथ घटित हुई थी। फरियादी प्रेम कुमार सुबह के वक्त मंदसौर से चित्तौड़गढ़ जाने के लिए ट्रेन के जनरल कोच में सवार हुए थे।

डिब्बे में पहले से ही दो शातिर लड़के घात लगाकर बैठे थे। योजना के तहत एक लड़के ने दूसरे को कैंटीन से चाय-पानी लाने को कहा। जब दूसरा लड़का चाय लेकर आया, तो उसने बेहद अपनेपन और मनुहार के साथ फरियादी प्रेम कुमार को भी चाय पीने का आग्रह किया। फरियादी ने पहले तो मना किया, लेकिन उनके बार-बार जिद करने पर उन्होंने चाय की चुस्की ले ली।

चाय पीते ही हुआ अचेत; तीन स्टेशनों तक बेहोशी की हालत में सफर करता रहा पीड़ित
वह चाय साधारण नहीं थी, बल्कि उसमें तीव्र नशीला पदार्थ मिला हुआ था। चाय पीते ही फरियादी प्रेम कुमार ट्रेन की सीट पर ही बेसुध होकर गिर गए। इसके बाद आरोपी उनकी जेब से मोबाइल, पर्स और नकदी समेटकर रफूचक्कर हो गए। 
गहरे नशे के कारण पीड़ित यात्री अचेत अवस्था में ही मंदसौर से उदयपुर तक पहुंच गया। इसके बाद जब ट्रेन वापस लौट रही थी, तब जाकर चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर उन्हें होश आया। होश में आने पर यात्री ने  जब अपनी जेबें टटोलीं, तो मोबाइल, जरूरी दस्तावेज और नकदी गायब थी। इसके बाद मामले की शिकायत थाना जीआरबी (GRP) नीमच में दर्ज कराई गई।

डिजिटल लूट भी की: एटीएम और यूपीआई से उड़ाए थे पैसे
शातिर चोर सिर्फ जेब काटकर ही नहीं रुके, बल्कि उन्होंने फरियादी के मोबाइल का इस्तेमाल कर उनके बैंक खाते से यूपीआई और एटीएम कार्ड के माध्यम से भी हजारों रुपये पार कर दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली। 

साइबर इन्वेस्टिगेशन के दौरान पुलिस सबसे पहले देवीलाल उर्फ देवा कंजर तक पहुंची, जिसके पास से चोरी का मोबाइल बरामद हुआ। देवीलाल ने खुलासा किया कि यह मोबाइल उसे बूंदी (राजस्थान) के रहने वाले आरोपी महेंद्र मीणा ने दिया था। पुलिस ने तुरंत दबिश देकर मुख्य आरोपी महेंद्र मीणा पिता कजोड़ मीणा (उम्र 23 वर्ष, निवासी मीणों की झोपड़ीया जेतपुरा, जिला बूंदी) को दबोच लिया। जेल में बंद आरोपी की फरियादी से शिनाख्तगी परेड कराई गई, जिसमें पीड़ित ने उसे तुरंत पहचान लिया। इस मामले का दूसरा आरोपी राजेन्द्र मीणा फिलहाल फरार चल रहा है।

अदालत में अकाट्य सबूतों के आगे पस्त हुआ आरोपी
कोर्ट में विचारण के दौरान शासन की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक इमरान खान ने सभी महत्वपूर्ण गवाहों, डॉक्टरों और साइबर सेल के तकनीकी साक्ष्यों को अदालत के सामने पेश किया। लोक अभियोजक ने दलील दी कि ऐसे जहरखुरान समाज और रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं, इसलिए इन्हें किसी भी सूरत में बख्शा न जाए। माननीय न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों और पुख्ता सबूतों से सहमत होते हुए आरोपी महेंद्र मीणा को नवगठित भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 123 के तहत दोषी पाते हुए 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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