डेस्क न्यूज़
23 June, 2026
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नीमच। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के विरोध का अनोखा दृश्य देखने को मिला। ग्राम तुर्किया, पंचायत धनगांव के किसान किशोर गुर्जर एवं सामाजिक कार्यकर्ता पंकज तिवारी हाथों में कटोरा और हांडी लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। दोनों ने गले में “बलराम योजना की 13वीं” लिखी तख्तियां पहन रखी थीं और योजना में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की।
जनसुनवाई के दौरान किसान किशोर गुर्जर ने आरोप लगाया कि उनके खेत पर बलराम तालाब निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था, जिसके लिए उनके नाम पर 1 लाख 19 हजार 108 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। जबकि उनके अनुसार उनके बैंक खाते में केवल 15 हजार रुपये ही जमा हुए हैं। किसान ने शेष राशि के कथित गबन की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
किशोर गुर्जर ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में आरोप लगाया कि योजना के तहत हुए भुगतान और निर्माण कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों, सरपंच, सचिव एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने तथा कथित रूप से हड़पी गई राशि की वसूली कराने की मांग की।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि बलराम योजना के कार्य को मनरेगा से जोड़कर शासन के 8 जनवरी 2020 के निर्देशों का उल्लंघन किया गया है। किसान ने पूरे मामले की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता पंकज तिवारी ने हाथ में हांडी लेकर विरोध जताते हुए प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई और जांच शुरू नहीं हुई तो वे “अस्थि कलश-कटोरा सत्याग्रह” के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन शुरू करेंगे।
जनसुनवाई के दौरान कटोरा और हांडी के साथ किया गया यह विरोध प्रदर्शन लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य योजना में हुई कथित अनियमितताओं को उजागर करना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराना है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच के बाद वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।