ताजासमाचार

नीमच जनसुनवाई में अनोखा विरोध ! गले में शिकायतों की माला पहन पहुंचे उपसरपंच, बोले- 17 साल के रिकॉर्ड गायब

डेस्क न्यूज़ 23 June, 2026 अन्य

नीमच। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब ग्राम पंचायत मोड़ी के उपसरपंच कारूलाल राठौर अपने गले में वर्षों से दिए गए शिकायत पत्रों और आवेदनों की प्रतियों की माला पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनके इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने जनसुनवाई में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उपसरपंच ने पंचायत के महत्वपूर्ण शासकीय अभिलेखों के गायब होने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।

कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कारूलाल राठौर ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत मोड़ी के वर्ष 1995 से 2012 तक के कई महत्वपूर्ण शासकीय अभिलेख संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए हैं। इनमें भूखंड आवंटन रजिस्टर, पंचायत प्रस्ताव रजिस्टर, पट्टा बुक, कैशबुक, ऑडिट रिपोर्ट सहित अनेक महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। उनका कहना है कि इन अभिलेखों के गायब होने से पंचायत के कई मामलों की पारदर्शिता प्रभावित हुई है और ग्रामीणों के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पा रही है।

उपसरपंच राठौर ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से इस मामले को लेकर संबंधित विभागों और अधिकारियों को लगातार शिकायतें एवं आवेदन देते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों के बावजूद अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से उन्होंने अपने गले में उन्हीं शिकायतों और आवेदनों की प्रतियों की माला पहनकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में इस मामले में जो विभागीय जांच की गई, वह निष्पक्ष नहीं थी और उसमें कई महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती तो अब तक गायब अभिलेखों और जिम्मेदार लोगों की जानकारी सामने आ जाती। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी अथवा वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों से पुनः जांच कराने की मांग की।

ज्ञापन में उपसरपंच ने मांग की कि पंचायत के गायब अभिलेखों की खोजबीन कराई जाए, संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत के रिकॉर्ड केवल कागजी दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीणों के अधिकारों और विकास कार्यों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रमाण हैं। ऐसे में उनका गायब होना बेहद गंभीर मामला है।

कारूलाल राठौर ने कहा कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ग्रामीणों को न्याय नहीं मिल पाएगा। उन्होंने प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेने और जल्द कार्रवाई करने की मांग की।

जनसुनवाई में गले में शिकायतों की माला पहनकर पहुंचे उपसरपंच का यह अनोखा विरोध प्रदर्शन पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि मामले में लगाए गए आरोपों की प्रशासनिक पुष्टि होना अभी शेष है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Related Post