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करोड़ों की नपा भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, भाजपा पार्षद दल ने जनसुनवाई में सौंपा ज्ञापन

डेस्क न्यूज़ 23 June, 2026 अन्य

नीमच। नगर पालिका की करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि पर कथित अवैध कब्जे और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का मामला मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में गूंजा। भाजपा पार्षद दल ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

भाजपा पार्षद दल की ओर से पार्षद शशिकुमार कल्याणी, रूपेंद्र लोक्स एवं योगेश कवीश्वर ने प्रस्तुत ज्ञापन में आरोप लगाया कि योजना क्रमांक-18 के मुखखण्ड क्रमांक-09 का वर्ष 1977 में विशेष शर्तों के साथ आवंटन किया गया था। आवंटन की शर्तों के अनुसार भूखंड का उपयोग निर्धारित व्यापारिक गतिविधियों के लिए किया जाना था तथा परिषद की अनुमति के बिना उसका विक्रय या हस्तांतरण नहीं किया जा सकता था।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि उक्त शर्तों का उल्लंघन करते हुए भूखंड का हस्तांतरण कर दिया गया और बाद में वहां अस्पताल का निर्माण भी कर लिया गया। मामले की जानकारी मिलने पर नगर पालिका द्वारा संबंधित पक्षों को भूखंड निरस्तीकरण के नोटिस जारी किए गए थे, जिसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा।

भाजपा पार्षद दल के अनुसार न्यायालय ने नगर पालिका के पक्ष में निर्णय देते हुए संबंधित अपील को निरस्त कर दिया था तथा भूखंड खाली कराकर नगर पालिका को उसका रिक्त आधिपत्य सौंपने के निर्देश भी दिए थे। इसके बावजूद आज तक न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया गया।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि नगर पालिका के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के कारण भू-माफियाओं को संरक्षण मिल रहा है। पार्षद दल का दावा है कि करीब 9600 वर्गफीट क्षेत्रफल वाली इस बहुमूल्य भूमि के एक हिस्से पर अवैध निर्माण कर दो दुकानें और लगभग 10 कमरे बना दिए गए हैं, जिन्हें किराए पर संचालित किया जा रहा है।

भाजपा पार्षदों ने इसे सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जे का गंभीर मामला बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही न्यायालय के आदेशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करते हुए नगर पालिका की करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि को अतिक्रमण और अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग भी की गई है।

पार्षद दल ने कलेक्टर से आग्रह किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और नगर पालिका को उसकी भूमि वापस मिल सके।

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