डेस्क न्यूज
08 June, 2026
सामाजिक
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग, सर्व हिन्दू समाज बोला- विकास हो, लेकिन आस्था की कीमत पर नहीं
नीमच। शहर में निर्माणाधीन सिटी फोरलेन परियोजना अब धार्मिक आस्था और विकास के बीच टकराव का विषय बनती जा रही है। महू रोड स्थित करीब 200 वर्ष पुराने श्री माधोपुरी बालाजी मंदिर को संभावित क्षति की आशंका के बीच सर्व हिन्दू समाज ने मोर्चा खोलते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। समाज ने मंदिर की दिशा में किए जा रहे पुलिया एवं सड़क चौड़ीकरण कार्य को तत्काल रोकने और वैकल्पिक दिशा में निर्माण कराने की मांग की है।
सर्व हिन्दू समाज का कहना है कि भाटखेड़ा फंटे से सुवाखेड़ा फंटे तक चल रहे फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान मंदिर परिसर का बड़ा हिस्सा प्रभावित होने की आशंका है। यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं बल्कि नीमच की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है, जहां पीढ़ियों से श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मंदिर परिसर में श्री माधोपुरी बालाजी के साथ भगवान शिव, माता संतोषी, श्री गणेश और साईं बाबा के मंदिर भी स्थित हैं। समाज का दावा है कि यदि वर्तमान प्रस्ताव के अनुसार निर्माण कार्य आगे बढ़ता है तो मंदिर परिसर को गंभीर क्षति पहुंच सकती है।
समाज के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर पूर्व में विधायक दिलीपसिंह परिहार और जिला प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया था। उस दौरान मंदिर को किसी प्रकार की क्षति नहीं होने देने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन वर्तमान निर्माण गतिविधियों ने श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है।
सर्व हिन्दू समाज ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि विकास कार्यों का स्वागत है, लेकिन धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। समाज ने सड़क और पुलिया का विस्तार दूसरी ओर उपलब्ध खाली भूमि की तरफ करने का सुझाव भी दिया है।
अब यह मामला केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शहर में विकास और विरासत संरक्षण के बीच संतुलन का बड़ा सवाल बनकर उभर रहा है।