डेस्क न्यूज
08 June, 2026
अपराध
रतनगढ़ में सड़क हादसे में हुई मौत को बताया संदिग्ध, मानव अधिकार आयोग और एसपी से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार
नीमच। जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र में करीब दो वर्ष पूर्व हुई एक कथित सड़क दुर्घटना में हुई मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मृतक के पुत्र ने घटना को संदिग्ध बताते हुए मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग एवं पुलिस अधीक्षक नीमच को शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय पुनः जांच की मांग की है।
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शक्करगढ़ निवासी रामरतन रैगर ने अपने आवेदन में कहा है कि उनके पिता स्वर्गीय भेरूलाल रैगर की मौत को उस समय सड़क दुर्घटना बताया गया था, लेकिन घटना से जुड़े कई तथ्य आज भी संदेह पैदा करते हैं। उनका आरोप है कि दुर्घटना के संबंध में जो जानकारी दी गई और शव पर जो चोटों के निशान दिखाई दिए, दोनों में स्पष्ट विरोधाभास नजर आता है।
शिकायत में बताया गया है कि पुलिस द्वारा पिकअप वाहन के नीचे दबने से मृत्यु होना बताया गया था, जबकि शव पर वैसी व्यापक चोटें दिखाई नहीं दीं, जैसी सामान्यतः ऐसे हादसों में होती हैं। वहीं संबंधित वाहन का निरीक्षण करने पर उसमें भी गंभीर दुर्घटना जैसे नुकसान के निशान नहीं मिले। वाहन के कांच तक सुरक्षित होने से परिजनों का संदेह और गहरा गया है।
रामरतन रैगर ने मांग की है कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए घटनास्थल का पुनः निरीक्षण कराया जाए। साथ ही संबंधित वाहन की तकनीकी जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा तथा तत्कालीन जांच अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के बयान दोबारा दर्ज किए जाएं।
उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही, तथ्य छिपाने, जांच को प्रभावित करने या किसी आपराधिक षड्यंत्र के संकेत मिलते हैं तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए।
मृतक के पुत्र का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि अपने पिता की मौत की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाना और न्याय प्राप्त करना है। अब यह देखना होगा कि मानव अधिकार आयोग और पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।