डेस्क न्यूज
08 June, 2026
अपराध
गैस एजेंसी दिलाने के नाम पर रकम लेने, दस्तावेजों के दुरुपयोग और नाबालिग के जरिए दर्ज कराए गए प्रकरण पर उठाए सवाल; निष्पक्ष जांच की मांग
नीमच। गैस एजेंसी दिलाने के नाम पर 60 लाख रुपये की कथित ठगी, पहचान संबंधी दस्तावेजों के दुरुपयोग और रुपए वापस मांगने पर झूठे आपराधिक मामले में फंसाने की साजिश के आरोपों को लेकर कुकड़ेश्वर निवासी कन्हैयालाल पुरोहित सोमवार को समाजजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कन्हैयालाल पुरोहित पिता चांदमल पुरोहित निवासी ब्राह्मण मोहल्ला, कुकड़ेश्वर जिला नीमच एवं सुजीत पिता स्वर्गीय ललित कुमार भाबर, संचालक ओम अंजल भारत गैस, थांदला के मध्य गैस एजेंसी संचालन से संबंधित एक व्यावसायिक अनुबंध एवं व्यावसायिक संबंध रहे हैं।। एजेंसी संचालन एवं साझेदारी के नाम पर उनसे आधार कार्ड, फोटोग्राफ सहित अन्य दस्तावेज लिए गए थे। उनका दावा है कि गैस एजेंसी उपलब्ध कराने और व्यवसायिक कार्यों के नाम पर उनसे करीब 60 लाख रुपये लिए गए, लेकिन न तो एजेंसी संबंधी प्रक्रिया पूरी की गई और न ही राशि वापस लौटाई गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि झाबुआ जाकर संबंधित पक्ष से मुलाकात करने पर उन्हें गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी भी दी गई।
ज्ञापन में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि आर्थिक विवाद के बाद एक नाबालिग बालिका के माध्यम से थाना थांदला में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई, जिसके आधार पर प्रकरण कायम हुआ। पुरोहित का कहना है कि संबंधित बालिका या उसके परिवार से उनका कभी कोई परिचय अथवा संपर्क नहीं रहा, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि एजेंसी प्रक्रिया के दौरान लिए गए उनके आधार कार्ड, फोटोग्राफ और अन्य दस्तावेजों का बिना अनुमति उपयोग किया गया। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में भी इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उन्हें नए मामलों में फंसाने का प्रयास किया जा सकता है।
समाजजनों ने मांग की कि मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराई जाए। साथ ही मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, डिजिटल साक्ष्य, आर्थिक लेन-देन और दस्तावेजों की तकनीकी जांच कर वास्तविक तथ्य सामने लाए जाएं।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि जांच में किसी प्रकार की साजिश, झूठे साक्ष्य, दस्तावेजी छेड़छाड़ या षड्यंत्र की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
कन्हैयालाल पुरोहित ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और वे चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आए। वहीं समाज प्रतिनिधियों ने शिकायतकर्ता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पूरे प्रकरण की गहन जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।