डेस्क न्यूज़
06 June, 2026
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नीमच। एक ओर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के वार्ड क्रमांक-13 स्थित बगीचा नंबर-5 क्षेत्र के रहवासी दूषित पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि नलों से आने वाले पानी को देखकर लोग उसे पीना तो दूर, उपयोग करने से भी डर रहे हैं।
क्षेत्रवासियों के अनुसार पिछले करीब एक माह से घरों में मटमैला, बदबूदार और कीड़ों वाला पानी पहुंच रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसा लगता है मानो नलों से पानी नहीं, बल्कि बीमारियों की सप्लाई की जा रही हो। मजबूरी में इसी पानी का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ने लगी हैं।
रहवासियों का आरोप है कि समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि शिकायतें फाइलों में घूम रही हैं और गंदा पानी अब भी नलों से बह रहा है।
क्षेत्र में जल प्रदाय का कोई निश्चित समय भी नहीं है। जब पानी आता है तो लोग उम्मीद करते हैं कि शायद इस बार साफ पानी मिलेगा, लेकिन नलों से निकलते मटमैले पानी को देखकर उनकी उम्मीदें भी धुंधली हो जाती हैं।
स्थानीय नागरिकों ने जल गुणवत्ता की जांच, पाइपलाइन की सफाई और नियमित स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो जिम्मेदारों के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
क्षेत्रवासियों का सवाल है कि जब नलों से कीड़े निकल रहे हैं तो आखिर स्वच्छ पेयजल के दावे कागजों में पूरे हो रहे हैं या जमीन पर?