डेस्क न्यूज़
06 June, 2026
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नीमच। वीरेन्द्र कुमार सकलेचा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नीमच के अस्थिरोग (ऑर्थोपेडिक) विभाग ने अपने द्वितीय स्थापना दिवस पर दो वर्षों की उल्लेखनीय उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में आए सकारात्मक बदलाव को रेखांकित किया। महज दो वर्षों में विभाग जिले के हजारों मरीजों के लिए विशेषज्ञ अस्थिरोग उपचार का भरोसेमंद केंद्र बनकर उभरा है। अब तक विभाग द्वारा लगभग 35 हजार मरीजों को विशेषज्ञ उपचार एवं परामर्श प्रदान किया जा चुका है।
अस्थिरोग विभागाध्यक्ष एवं असिस्टेंट मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. पुनीत कुमार आचार्य ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से पहले गंभीर फ्रैक्चर, जटिल अस्थिरोग समस्याओं और सर्जरी के लिए मरीजों को उदयपुर, इंदौर सहित अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण जिला चिकित्सालय मुख्य रूप से रेफरल केंद्र बनकर रह गया था। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद अधिकांश आधुनिक अस्थिरोग सेवाएं जिले में ही उपलब्ध होने लगी हैं, जिससे मरीजों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वास बढ़ा है तथा उनका समय, धन और परेशानी तीनों की बचत हो रही है।
डॉ. आचार्य ने बताया कि विभाग की शुरुआत सीमित संसाधनों और कम स्टाफ के साथ हुई थी। शुरुआती दौर में वे अकेले ही ओपीडी, भर्ती मरीजों और सर्जिकल सेवाओं का संचालन कर रहे थे। इसके बावजूद विभाग ने लगातार प्रगति की और आज यह जिले की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य इकाइयों में शामिल हो चुका है।
जून 2025 से मई 2026 के बीच विभाग में 19,371 मरीजों का ओपीडी में उपचार किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 29 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में 955 मरीज भर्ती हुए, 246 सर्जिकल प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक संपन्न की गईं तथा करीब 4 हजार प्लास्टर, ड्रेसिंग और अन्य अस्थिरोग प्रक्रियाएं की गईं। विभाग ने इस वर्ष दो सफल ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी भी की हैं।
विभाग की प्रमुख उपलब्धियों में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत निःशुल्क ऑर्थोपेडिक इम्प्लांट एवं सर्जरी सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है। इससे मरीजों पर उपचार का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हुआ है।
डॉ. आचार्य ने बताया कि मई 2026 से विभाग में अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी शुरू कर दी गई है। आधुनिक तकनीक, बेहतर संक्रमण नियंत्रण प्रणाली और उन्नत सुविधाओं से लैस यह ऑपरेशन थिएटर कई निजी अस्पतालों की सुविधाओं के समकक्ष अथवा उनसे बेहतर है।
द्वितीय स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि डीन प्रो. डॉ. आदित्य बैराड़ तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेन्द्र पाटिल उपस्थित रहे। डॉ. पाटिल ने बताया कि विभाग में जल्द ही ज्वाइंट रिप्लेसमेंट, स्पाइन सर्जरी और आर्थोस्कोपी जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए आवश्यक उपकरणों और इम्प्लांट की खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है।
मुख्य अतिथि डीन प्रो. डॉ. आदित्य बैराड़ ने विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि अल्प समय में अस्थिरोग विभाग ने जनता का विश्वास अर्जित किया है। निःशुल्क इम्प्लांट सुविधा, आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और जल्द शुरू होने वाली उन्नत सर्जिकल सेवाएं नीमच को क्षेत्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण अस्थिरोग उपचार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।