डेस्क न्यूज़
06 June, 2026
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नीमच। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक शनिवार को जिला पंचायत सभाकक्ष, नीमच में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति सदस्य डॉ. गोपाल शर्मा ने की। इस अवसर पर एडीएम बी.एस. कलेश, पराग जैन, डिप्टी कलेक्टर चंद्रसिंह धार्वे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों, पत्रकारों तथा प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता कर यूसीसी के विभिन्न सामाजिक, विधिक एवं प्रशासनिक पहलुओं पर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। चर्चा के दौरान सामाजिक समरसता, नागरिक अधिकार, पारिवारिक कानून तथा विभिन्न राज्यों के अनुभवों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
समिति सदस्य डॉ. गोपाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने से पहले समाज के सभी वर्गों के सुझाव प्राप्त करना चाहती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लिए अलग-अलग पारिवारिक कानून लागू हैं। विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशन जैसे विषय समान नागरिक संहिता के दायरे में आते हैं।
डॉ. शर्मा ने बताया कि नागरिक अपने सुझाव ucc.mp.gov.in पोर्टल के माध्यम से भी भेज सकते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में समानता के सिद्धांत को मजबूत करने के उद्देश्य से इस विषय पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है और सभी वर्गों की राय को महत्व दिया जाएगा।
बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा, सामाजिक कार्यकर्ता उषा गुप्ता, प्रवीण शर्मा, नवीन सक्सैना, लक्ष्मीनारायण जोशी, राजकुमार अहीर, रतनलाल मालावत, महेंद्र भटनागर, हेमंत हरित, नीलेश पाटीदार, प्रदीप वर्मा, सुदामा अंब, साबीर मसूदी, हारून रशीद, पंकज श्रीवास्तव, प्रेमचंद कलोसिया, विक्की छाबड़ा, अनवर हुसैन कुरैशी, सुरेशानंद जी शास्त्री, डॉ. विवेक नागर, रचना राठौड़, निर्मला हाड़ा, विजय जोशी, नवीन अग्रवाल, नवनीत, के.के. जैन, नंदलाल मालानी, शुभम मेहता, दर्शन सिंह गांधी सहित विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए।