कपिलसिंह चौहान
27 March, 2026
जावद (नीमच)। (कपिल सिंह चौहान) रासायनिक खेती के चंगुल और बढ़ते कर्ज के बोझ से किसानों को मुक्ति दिलाने के लिए नीमच जिले की जावद तहसील एक ऐतिहासिक आयोजन की गवाह बनने जा रही है। कल, 28 मार्च 2026 से यहाँ देश के सबसे बड़े ‘प्राकृतिक खेती महायज्ञ’ का शंखनाद होगा, जिसमें देशभर के हजारों किसान शिरकत करेंगे। पूर्व मंत्री और क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश सखलेचा की इस दूरदर्शी पहल के तहत 28 से 31 मार्च तक चार दिवसीय नि:शुल्क प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन की भव्यता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
प्रमुख आकर्षण: एक गाय से 15 एकड़ खेती का मंत्र
इस शिविर के मुख्य मार्गदर्शक 'कृषि ऋषि' के नाम से विख्यात पद्मश्री डॉ. सुभाष पालेकर होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वस्त माने जाने वाले डॉ. पालेकर किसानों को 'शून्य लागत प्राकृतिक खेती' (ZBNF) का व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं कई बार डॉ. पालेकर के 'शून्य लागत प्राकृतिक खेती' (Zero Budget Natural Farming) मॉडल की प्रशंसा कर चुके हैं। शिविर का मूल मंत्र यह है कि केवल एक देसी गोमाता के सहारे 10 से 15 एकड़ जमीन पर बिना एक भी रुपये की रासायनिक खाद खरीदे, भरपूर और विषमुक्त समृद्ध फसल कैसे ली जाए।
उद्देश्य: खेती को जहर मुक्त बनाना और किसान की इनपुट लागत को शून्य पर लाना।
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल करेंगे शुभारंभ
इस चार दिवसीय राष्ट्रीय शिविर का औपचारिक उद्घाटन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल के मुख्य आतिथ्य में होगा। यह आयोजन न केवल क्षेत्र के लिए बल्कि भारतीय कृषि के इतिहास में किसी जनप्रतिनिधि द्वारा की गई एक अनूठी और बड़ी पहल मानी जा रही है।
किसानों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था निःशुल्क
विधायक ओमप्रकाश सखलेचा द्वारा सुनिश्चित किया गया है कि आर्थिक तंगी के कारण किसान ज्ञानवर्धक आयोजनों से वंचित न रहें, इसलिए इस आयोजन में भाग लेने वाले प्रत्येक किसान के लिए आवास, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था पूरी तरह निःशुल्क रखी गयी है। विश्वस्तरीय कृषि ज्ञान बगैर किसी शुल्क के उपलब्ध कराया जा रहा है।
विधायक सखलेचा ने की अपील: "जावद अब प्राकृतिक खेती का केंद्र बनने जा रहा है। मेरी क्षेत्र के सभी किसान भाइयों से अपील है कि वे इस सुनहरे अवसर को न चूकें और अपनी आय बढ़ाने के इस उच्च स्तरीय ज्ञान का लाभ उठाएं।"— ओमप्रकाश सखलेचा, विधायक
प्रशासनिक तैयारियां पूर्ण:
देशभर से आने वाले किसानों की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और बिजली-पानी की व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल पर युद्धस्तर पर तैयारियां जारी हैं ताकि यह शिविर कृषि क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सके।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए किसान निम्न कोड को स्कैन कर अपना पंजीयन करें -
