ताजासमाचार

EXCLUSIVE :- साजिशों पर भारी पड़ा संकल्प : पिता पर हमले के बाद बेटे ने खड़ा किया धर्म का कारवां, नीमच से मण्डफिया तक रच दिया दूसरी बार इतिहास

न्यूज डेस्क 05 February, 2026

नीमच | केसरिया ध्वजों की लहर, “जय सांवरा सेठ” के गगनभेदी जयकारे और पैदल चलते हजारों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था—नीमच की धरती से निकली यह यात्रा केवल पैरों की नहीं, बल्कि उस संकल्प की थी जो भय को चीरकर भक्ति बन गया। वही नीमच, वही लायंस पार्क, जहां 4 फरवरी 2024 को समाजसेवी अशोक अरोरा गंगानगर पर भरे बाजार प्राणघातक हमला कर जान से मारने और भयभीत करने की कोशिश की गई । लेकिन कहते हैं ना—“जाको राखे सइंया, मार सके न कोई”, इस हमले में अशोक अरोरा का बाल भी बांका नहीं हुआ और वहीं से दिशा बदल गई।

उसी दिन उनके सुपुत्र, युवा समाजसेवी अरुल अरोरा गंगानगर ने संकलप लिया कि जहां डर फैलाने की कोशिश हुई, वहीं से धर्म का कारवां निकलेगा। वर्ष 2025 में पहली बार और इस वर्ष दूसरी बार निकली श्री सांवलिया सेठ पैदल यात्रा ने यह साबित कर दिया कि हिंसा नहीं, भक्ति और आस्था ही सबसे बड़ी शक्ति है।
गुरुवार सुबह जब यह विराट पदयात्रा मंडफिया धाम स्थित श्री सांवलिया सेठ के दरबार में पहुंची, तो मानो आस्था स्वयं साकार हो उठी। समाजसेवी अरुल अशोक अरोरा गंगानगर ने विधिवत सांवलिया सेठ को भोग अर्पित किया और इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं को भक्ति भाव से महाप्रसादी परोसी। दुश्मनों के मंसूबे नाकाम हुए और धर्म की अलख पहले से कहीं अधिक प्रबल होकर पूरे समाज में गूंज उठी।

नीमच से सेठ के दरबार तक रच दिया इतिहास
केसरिया ध्वजों की छांव में, जय सांवलिया सेठ के जयकारों के साथ, आस्था और विश्वास की अनूठी गाथा नीमच की धरती से निकली और मंडफिया में सेठ के दरबार तक इतिहास बनकर पहुंची। 
करीब 90 किलोमीटर लंबे इस पावन सफर में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और हर समाज के श्रद्धालु कदम से कदम मिलाकर चले। नीमच से मंडफिया तक पूरा मार्ग भक्तिरस में डूबा रहा। कहीं पुष्पवर्षा से स्वागत हुआ, तो कहीं सेवा शिविरों में प्रेम और सेवा की धारा बहती रही। हर पड़ाव पर भक्ति, एकता और समर्पण का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने इस पदयात्रा को केवल यात्रा नहीं, बल्कि आस्था का महोत्सव और इतिहास का साक्षी बना दिया।

 

हमले के दिन पहने जूते, आज भी संभाल रखे
जिस दिन समाजसेवी अशोक अरोरा गंगानगर पर प्राणघातक हमला हुआ था, उस दिन पहने गए जूते आज भी उनके साथ हैं। दो साल बाद फिर से जब श्री सांवलिया सेठ की पदयात्रा निकली, तो अशोक अरोरा गंगानगर ने वही जूते पहनकर भक्तों के साथ कदम बढ़ाए। घटना की याद को संजोए ये जूते अब पीड़ा नहीं, बल्कि अडिग संकल्प, सकारात्मक सोच और ईश्वर पर अटूट विश्वास का प्रतीक बन गए।

जिसकी गोली कभी नहीं चूकी, वह खुद मौत का शिकार बना
कहते हैं कि बाबू फकीर नाम का शूटर जब भी किसी सुपारी पर निकला, उसका निशाना कभी खाली नहीं गया। जिस दिन वह समाजसेवी अशोक अरोरा गंगानगर की जान लेने आया था, उस दिन उसी का काल आ गया और समाजसेवी अशोक अरोरा सुरक्षित बच गए | 
यह घटना आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय है—जहां एक ओर हिंसा थी, वहीं दूसरी ओर ईश्वर की कृपा और अडिग आस्था ने कहानी की दिशा ही बदल दी।

“जाको राखे सइंया, मार सके न कोई”
विदीत है कि 4 फरवरी 2024 को नीमच के लायंस पार्क क्षेत्र में समाजसेवी अशोक अरोरा गंगानगर पर हुआ प्राणघातक हमला पूरे समाज के लिए बड़ा झटका था। भरे बाजार किए गए इस हमले से नीमच में भय पैदा करने की कोशिश की गई, लेकिन कहते हैं- “जाको राखे सइंया, मार सके न कोई”, इस घटना में अशोक अरोरा को कोई क्षति नहीं पहुंची और वे बाल बाल बच गए ।
इसी घटना के बाद उनके सुपुत्र, युवा समाजसेवी अरुल अरोरा गंगानगर ने संकल्प लिया कि 4 फरवरी को उसी स्थान से धर्म का कारवां निकलेगा। वर्ष 2025 में पहली बार और इस वर्ष दूसरी बार निकली श्री सांवलिया सेठ के दरबार पर भक्ति पूर्ण पैदल यात्रा ने साबित कर दिया कि हिंसा नहीं, भक्ति और आस्था ही विजयी होती है- दुश्मनों के मंसूबे नाकाम हुए और धर्म की अलख और भी प्रबल हो गई।

जगह - जगह हुआ भव्य स्वागत ---
श्री सांवरिया मित्र मंडल और अरूल अरोरा गंगानगर द्वारा निकाली गई श्री सांवरिया पैदल यात्रा को लेकर हर समाज में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सर्व समाज ने पलक पावड़े बिछाकर जगह—जगह पर श्री साँवरीया सेठ के रथ की बलाईयां लेकर माला व पूजन अर्चन के साथ ही पैदल चल रहे यात्रियों का भी स्वागत किया गया। सकल ब्राहृमण समाज, अग्रवाल समाज, जैन समाज, क्षत्रीय/राजपूत, यादव समाज, अहीर समाज, पार्षद दल नीमच नगरपालिका, गुर्जर समाज, ग्वाला समाज, पंजाबी समाज, बंजारा समाज, वैश्य समाज, स्वर्णकार समाज, कुचबंदिया समाज, माली समाज, राठौर समाज, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, महोश्वरी समाज, साईं बाबा मित्र मंडल, कालू बैरागी मित्र मंडल कनावटी, सायाजी होटल कनावटी, फूलमाली सैनी, प्रेस क्लब, बजरंग दल, नीमच रेडिमेट गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन, केटीवी मित्र मंडल, हेल्पिंग हेंड संस्था,  जायसवाल समाज सहित सर्व समाज के अध्यक्ष व उनके पदाधिकारियों ने श्री सांवलिया सेठ पैदल यात्रा का जगह- जगह स्वागत किया। कहीं पर फूलों की बारिश की गई तो कहीं पर भक्तों को शीतल पेयजल सहित स्वल्पाहार वितरित किया गया।

Related Post