महेंद्र सिंह राठौड़
30 July, 2025
नीमच। बारिश के समय में नीमच में ऐसा कई गांव है जो नरक बन चुके है। खुलेआम मौत और हादसों के मंजर दिखाई दे रहे है। गांव वालों की गुंहार जिम्मेदारों के कानो तक नही पहुंच रही और राहगिर ग्रामीण इन हादसों को गले लगाने पर मजबूर हो रहे है। आप तस्वीरों में जो हादसा इस वक्त देख रहे है। यह हादसा सिंगोली के ब्राहमणी नदी के पुल का है। जहां एक बाईक सवार परिवार औंधे मंुह कुंआनुमा पुलिया गढ्ढे में समां गया है। गंभीर चोटे भी आई है लेकिन परिवार यूं खड़ा हुआ जैसे कि यह हादसें इस गांव की रोज की कहानी हो। यह हादसा एक नही जो कैमरे में कैद हुआ रोजाना हादसों का अंबार है लेकिन पुकार सुनने वाला कोई जिम्मेदार नही है।
सिंगोली में बनी यह पुलिया पूर्व मंत्री जावद विधायक घनश्याम पाटीदार के जमाने की है जो इस वक्त खस्ताहाल है। वर्तमान विधायक ओमप्रकाश सकलेचा को इसकी शिकायत की गई है लेकिन उद्धार नही हुआ है। रोजमर्रा का जीवन अस्त - वयस्त हुआ चुका है। इस पुलिया के कारण खेत दरिया बन चुके है और गांव तालाब बन चुका है। पुलिया पर बने गड्ढे कुंओं से कम नही है। बारिश में इस पुलिया को लेकर दहशत है लेकिन इस पुलिया से निकलना भी मजबूरी हैं। पुलिया के बाहर जिम्मेदारों ने एक बोर्ड चस्पा कर रखा है। जिसपर लिखा है पुर पर पानी हो तो पार न करे। अब ऐसे में जिम्मेदार बताए कि बारिश के समय पानी ही पानी है तो इस पार से उस पार के लिए हेलिकाॅप्टर की वयवस्था कैसे करे। जबकि गांव के सीधे और सटीक संपर्क का एकमात्र जरिया यही पुल है।