ताजासमाचार

महंत पर हमले के आरोप से भड़का संत समाज, जावद बस स्टैंड पर चक्काजाम

द वॉचमेन पोस्ट 19 July, 2026 अपराध

मोहनलाल प्रजापत सहित अन्य की गिरफ्तारी की मांग, पुलिस-प्रशासन को सौंपा ज्ञापन; कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

जावद। गोरक्षनाथ आश्रम के महंत मौजनाथ उर्फ सुखलाल के साथ हुई कथित मारपीट और मठ की भूमि पर कब्जे के प्रयास के आरोपों को लेकर रविवार को संत समाज सड़क पर उतर आया। बड़ी संख्या में संतों और उनके समर्थकों ने जावद बस स्टैंड पर सड़क पर बैठकर चक्काजाम किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश पर चक्काजाम समाप्त किया गया।

मौके पर थाना प्रभारी मनोज सिंह जादौन सहित पुलिस बल तैनात रहा। बाद में संत समाज के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओपी हर्ष राठौड़, थाना प्रभारी मनोज सिंह जादौन एवं तहसीलदार बी.के. मकवाना को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में लगाए गंभीर आरोप

संत समाज द्वारा दिए गए ज्ञापन में मंशापूर्ण व्यायामशाला के उस्ताद मोहनलाल प्रजापत को मुख्य आरोपी बताते हुए जोगेंद्र शर्मा, कालू करवाड़िया, नारायण सोमानी, रमेश गाड़ोलिया के दोनों पुत्रों सहित अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 17 जुलाई की सुबह करीब 9 बजे आश्रम में पूजा-पाठ कर रहे महंत मौजनाथ उर्फ सुखलाल पर कथित रूप से जानलेवा हमला किया गया। संत समाज का दावा है कि हमलावरों ने महंत के बाल पकड़कर उन्हें घसीटा, लोहे के पाइप और लकड़ियों से मारपीट की तथा गंभीर चोटें पहुंचाईं। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि हमले के दौरान महंत को जान से मारने की धमकियां दी गईं।
पहले भी विवाद और तोड़फोड़ का आरोप
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 14 जुलाई की रात भी आश्रम परिसर में गाली-गलौज और तोड़फोड़ की घटना हुई थी। संत समाज का आरोप है कि उस समय भी विवाद को शांत कराया गया था, लेकिन तीन दिन बाद दोबारा हमला कर दिया गया। संतों का कहना है कि यदि समय पर आश्रम के सेवक और श्रद्धालु नहीं पहुंचते तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
मठ की जमीन हड़पने का प्रयास करने का आरोप
संत समाज ने आरोप लगाया है कि पूरा विवाद मठ और आश्रम की भूमि से जुड़ा हुआ है तथा कुछ लोग जमीन पर कब्जा करने की मंशा से संतों को परेशान कर रहे हैं। ज्ञापन में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है। साथ ही आश्रम की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संत मौजनाथ की जान-माल की रक्षा के लिए प्रशासन से विशेष व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया गया है।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज
संत समाज ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। संतों का कहना है कि प्रदेशभर के संत समाज को इस मामले से अवगत कराया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस कर रही जांच
उल्लेखनीय है कि इस मामले में दूसरे पक्ष की ओर से भी शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों पर क्रॉस प्रकरण दर्ज कर जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Related Post