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एससी-एसटी वर्ग पर अत्याचार व पुलिस लापरवाही को लेकर भीम आर्मी ने सौंपा ज्ञापन, समाधान के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम

न्यूज डेस्क 28 June, 2025

नीमच। भीम आर्मी एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी सहित अन्य बहुजन संगठनों ने शुक्रवार को अंबेडकर सर्किल से रैली निकालते हुए पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया को सौंपा। ज्ञापन में अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों पर हो रहे अत्याचारों और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर गहरा आक्रोश जताया गया।

संगठनों ने आरोप लगाया कि जिले में SC-ST वर्ग के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। थानों पर दर्ज शिकायतों के प्रति पुलिस का रवैया असंवेदनशील है और अधिकारियों द्वारा अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही भीम आर्मी पदाधिकारियों पर झूठे प्रकरण दर्ज कर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है, विशेष रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष विशाल मेघवाल और पवन राजकुंवर को बार-बार शांति भंग के नोटिस थमाए जा रहे हैं।

ज्ञापन में कई मामलों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि कुकड़ेश्वर निवासी गोपाल गोडाल की बेटी की गुमशुदगी, हिरालाल के घर हुई चोरी तथा अन्य धोखाधड़ी और हत्या जैसे मामलों में पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं NDPS मामलों में आधे-अधूरे खुलासे किए जाते हैं और आरोपियों के परिजनों को परेशान किया जाता है।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि जिले में बगैर लाइसेंस के शराब दुकानें आबकारी विभाग और पुलिस की मिलीभगत से संचालित हो रही हैं, और जब स्थानीय लोग इसका विरोध करते हैं, तो उन पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। इसके अलावा, भीम आर्मी के आयोजनों के दौरान पुलिस सुरक्षा की मांगों को नजरअंदाज किया गया।

भीम आर्मी व अन्य संगठनों ने प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि इस अवधि में शिकायतों का समाधान नहीं हुआ, तो आजाद समाज पार्टी और बहुजन संगठनों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इस दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील अस्तेय, नीरज चंदेरिया, जिला अध्यक्ष गोविंद वाल्मीकि सहित संगठन के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और पीड़ितजन उपस्थित रहे।

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