डेस्क न्यूज़
24 July, 2026
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नई दिल्ली | NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर 27 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
शुक्रवार सुबह जारी अपने वीडियो संदेश में वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ लगातार बातचीत चल रही थी। बातचीत के बाद सरकार ने उनकी तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराई जाएगी तथा आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण छात्रों पर कार्रवाई रुकवाना और परीक्षा व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करना था।
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वांगचुक के अनशन समाप्त करने का स्वागत किया। हालांकि उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।
इस घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए सोनम वांगचुक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि वे डॉक्टरों की सलाह का पालन करें तथा जल्द ही अपना पुराना स्वास्थ्य और वजन वापस प्राप्त करें।