द वाॅचमेन पोस्ट
20 July, 2026
अपराध
नीमच | मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2,958.580 किलोग्राम डोडाचूरा (पॉपी स्ट्रॉ) जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे एक टाटा ट्रक और एस्कॉर्ट के रूप में चल रही हुंडई वर्ना कार को भी जब्त किया गया। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सीबीएन को खुफिया सूचना मिली थी कि नागालैंड पंजीयन नंबर वाला एक टाटा ट्रक झारखंड क्षेत्र से भारी मात्रा में डोडाचूरा लेकर मध्य प्रदेश से होकर गुजरने वाला है। ट्रक की निगरानी और सुरक्षा के लिए गुजरात नंबर की हुंडई वर्ना कार एस्कॉर्ट वाहन के रूप में साथ चल रही थी। सूचना के आधार पर नीमच और उज्जैन के सीबीएन अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर 17 जुलाई को संभावित मार्ग पर निगरानी शुरू की गई।
निगरानी के दौरान संदिग्ध ट्रक को गुना-अशोकनगर मार्ग स्थित मावन के इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर डीजल भरवाते समय रोक लिया गया। पूछताछ में चालक ने बताया कि एस्कॉर्ट कार लगभग एक किलोमीटर आगे गुना की ओर चल रही है।
इसके बाद सीबीएन टीम ने हुंडई वर्ना कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने अधिकारियों के संकेतों की अनदेखी करते हुए तेज रफ्तार में वाहन दौड़ा दिया। यू-टर्न लेकर अशोकनगर की ओर भागने के प्रयास में करीब 4 से 5 किलोमीटर तक पीछा चला। इसी दौरान कार एक बाइक से टकराने के बाद सड़क किनारे स्थित मकान की दीवार से जा भिड़ी। दुर्घटना में जनहानि भी हुई। कार में सवार एक आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर गुना कैंट थाने ले जाया गया।
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ट्रक को सीबीएन कार्यालय लाकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रक से 119 बोरियों में भरा कुल 2,958.580 किलोग्राम डोडाचूरा (पॉपी स्ट्रॉ) बरामद हुआ। इसके बाद एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत मादक पदार्थ और ट्रक को जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
सीबीएन ने बताया कि एस्कॉर्ट वाहन के चालक द्वारा भागने के प्रयास के दौरान हुई सड़क दुर्घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण रही, जिसमें जनहानि हुई। एजेंसी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्घटना से जुड़े मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। सीबीएन ने आमजन से अपील की है कि मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित एजेंसियों को दें। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि 'नशा मुक्त भारत' के उद्देश्य से तस्करों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।