डेस्क न्यूज़
06 July, 2026
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नीमच। आशा, ऊषा एवं आशा पर्यवेक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के आह्वान पर सोमवार को जिले की आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा पर्यवेक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने वेतन भुगतान में हो रही अनियमितताओं, रुकी हुई वार्षिक वेतनवृद्धि, मानदेय में वृद्धि सहित 18 सूत्रीय मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत आशा एवं आशा पर्यवेक्षक मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, टीकाकरण, स्वास्थ्य सर्वेक्षण, जनजागरूकता अभियान तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और भुगतान प्रक्रिया में लगातार अनियमितताएं बनी हुई हैं।
संयुक्त मोर्चा ने आरोप लगाया कि कई-कई महीनों तक वेतन लंबित रहता है। वर्ष 2023 से रोकी गई एक हजार रुपये की वार्षिक वेतनवृद्धि का भुगतान भी अब तक नहीं किया गया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में परिवार का भरण-पोषण करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने अन्य राज्यों की तर्ज पर मानदेय बढ़ाने की मांग भी उठाई।
ज्ञापन में वर्ष 2024 के लंबित एरियर का भुगतान, समय पर वेतन वितरण, ईपीएफ राशि जमा कराने, दुर्घटना एवं स्वास्थ्य बीमा सुविधा, सेवा सुरक्षा, दो जोड़ी ड्रेस, स्वेटर, रेनकोट और छाता उपलब्ध कराने सहित कई अन्य मांगें शामिल हैं। साथ ही बिना उचित कारण सेवा से पृथक नहीं किए जाने, विभागीय अधिकारियों द्वारा सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने तथा शिकायतों के त्वरित निराकरण की मांग भी की गई।
संयुक्त मोर्चा ने वर्ष 2025 की वेतनवृद्धि का एरियर सहित भुगतान करने तथा भविष्य में वेतन और प्रोत्साहन राशि का नियमित एवं पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग रखी। संगठन का कहना है कि आशा एवं आशा पर्यवेक्षक स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं और वर्षों से सीमित मानदेय में लगातार सेवाएं दे रही हैं। यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान जिले की बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता, आशा पर्यवेक्षक एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने कलेक्टर प्रतिनिधि के माध्यम से मुख्यमंत्री तक अपनी मांगें पहुंचाकर जल्द समाधान की मांग की।