डेस्क न्यूज़
06 July, 2026
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जयपुर। जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने रविवार को मिलावटी और निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 100 किलोग्राम संदिग्ध पनीर को नष्ट कराया, जबकि एक गोदाम से "स्टिंग एनर्जी" ब्रांड की 32 हजार 292 बोतलों का स्टॉक सीज कर दिया। इस कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (द्वितीय) डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि डीएसटी टीम और रामनगरिया थाना पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई के दौरान जगतपुरा क्षेत्र में बिक्री के लिए लाया जा रहा करीब 100 किलोग्राम पनीर पकड़ा गया। जांच के दौरान पनीर से तेज बदबू आ रही थी, जिससे उसकी गुणवत्ता पर संदेह हुआ। मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पनीर के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया, जबकि शेष पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया।
पूछताछ में पनीर लेकर जा रहे अमित शर्मा ने बताया कि वह अलवर और दौसा क्षेत्र से पनीर खरीदकर जयपुर के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करता है। उसने यह भी स्वीकार किया कि पनीर बनाने से पहले दूध से फैट निकाल लिया जाता है और उसके बाद बचे हुए कम गुणवत्ता वाले दूध से पनीर तैयार किया जाता है। यह पनीर करीब 240 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से शहर की छोटी डेयरियों, फास्ट फूड सेंटरों, ढाबों और अन्य दुकानों पर सप्लाई किया जाता था।
डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानकों के अनुसार एक किलोग्राम गुणवत्तापूर्ण पनीर बनाने के लिए लगभग 4 से 5 किलोग्राम फुल फैट दूध की आवश्यकता होती है। ऐसे में कम गुणवत्ता वाले दूध से तैयार पनीर लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इधर, खाद्य सुरक्षा विभाग की केंद्रीय टीम ने निर्माण नगर स्थित मैसर्स अंजली इंटरप्राइजेज के गोदाम पर भी छापेमारी की। अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान "स्टिंग एनर्जी" नामक कैफिनेटेड बेवरेज का नमूना लिया गया। जांच के दौरान गोदाम में खाद्य सुरक्षा नियमों से जुड़ी कुछ अनियमितताएं पाए जाने पर वहां रखी 32 हजार 292 बोतलों का पूरा स्टॉक सीज कर दिया गया। विभाग द्वारा अब इन नमूनों की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
इसके अलावा सीएमएचओ टीम ने पटेल नगर स्थित ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम का भी निरीक्षण किया। यहां से "गेटोरेड ऑरेंज" और "रीलोड" ब्रांड के नॉन-कार्बोनेटेड वॉटर बेस्ड बेवरेज के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि मिलावटी और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि यदि कहीं भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।