डेस्क न्यूज़
28 June, 2026
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भोपाल/बैतूल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू प्रवास का रविवार को दूसरा दिन योग और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने योग सत्र के दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, भुजंगासन और शलभासन जैसे विभिन्न योगासन किए। उन्होंने मयूरासन और शीर्षासन जैसे कठिन आसनों का भी प्रदर्शन किया, जिसे देखकर उपस्थित ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक उनका साथ दिया। योगाभ्यास के दौरान नाड़ी शोधन, तितली और भ्रामरी प्राणायाम भी कराया गया।
योग कार्यक्रम में अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे, बैतूल कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे सहित प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
योगाभ्यास के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलन, ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सशक्त जीवन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को योग को अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कुकरू स्थित कॉफी बागान का निरीक्षण भी किया और वहां कॉफी उत्पादन एवं विकास कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यटन विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री के योगाभ्यास, पौधरोपण और कॉफी बागान निरीक्षण की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा की गईं, जिन्हें लोगों ने काफी सराहा। कुकरू प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया।