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निर्जला एकादशी पर भजन-कीर्तन करते हुए थम गईं सांसें, श्री राम-जानकी मंदिर में हुआ श्रीहरि का स्मरण, श्रद्धालुओं ने बताया दुर्लभ संयोग

सुनील माली 27 June, 2026 अन्य

नीमच \ सरवानिया महाराज। निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर सरवानिया महाराज के रावला चौक स्थित प्राचीन श्री राम-जानकी मंदिर में एक ऐसी भावुक घटना घटी, जिसने पूरे नगर को श्रद्धा और शोक से भर दिया। भक्ति में लीन होकर हरि-कीर्तन कर रहीं राणावत राजपूत समाज की धर्मपरायण महिला सुमन कुंवर राणावत (55) का अचानक हृदयाघात से निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से परिवार, समाज और नगर में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार निर्जला एकादशी के अवसर पर श्री राम-जानकी मंदिर में समाज की करीब 40 महिलाएं सामूहिक रूप से भगवान श्रीराम और श्रीहरि के भजन-कीर्तन में लीन थीं। इसी दौरान सुमन कुंवर राणावत भी पूरे श्रद्धाभाव से हरिनाम संकीर्तन कर रही थीं। तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वे अचेत होकर गिर पड़ीं। उपस्थित लोगों ने तत्काल सहायता का प्रयास किया, लेकिन उनका निधन हो गया।

सुमन कुंवर राणावत नगर के वार्ड क्रमांक 6 निवासी स्वर्गीय कालू सिंह राणावत (पटेल) की पुत्रवधू तथा फूलसिंह राणावत की धर्मपत्नी थीं। वे धार्मिक प्रवृत्ति, सरल स्वभाव और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए जानी जाती थीं। उनके निधन का समाचार मिलते ही बड़ी संख्या में समाजजन एवं नगरवासी उनके निवास पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।

शुक्रवार सुबह उनकी अंतिम यात्रा रावला चौक से बैंड-बाजों के साथ निकाली गई। अंतिम यात्रा में राणावत राजपूत समाज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आमली भाट रोड स्थित राणावत समाज के मुक्तिधाम महासतिया जी में विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके पुत्रों ने मुखाग्नि दी।

सनातन परंपरा में निर्जला एकादशी को भगवान विष्णु की विशेष आराधना का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत, भजन-कीर्तन और श्रीहरि के स्मरण का विशेष महत्व होता है। इसी कारण मंदिर में भजन-कीर्तन के दौरान हुए इस आकस्मिक निधन को लेकर श्रद्धालुओं के बीच विभिन्न धार्मिक भावनाएं और चर्चाएं भी देखने को मिलीं। हालांकि, चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार उनका निधन अचानक आए हृदयाघात (हार्ट अटैक) के कारण हुआ।

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