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EXCLUSIVE | मध्य प्रदेश में पुलिसिंग का डिजिटल युग: रतलाम रेंज में लागू हुआ 'कवच एप', हर 15 मिनट में होगी गश्त की लाइव मॉनिटरिंग

डेस्क न्यूज़ 27 June, 2026 अन्य

एमपी में पहली बार रतलाम रेंज में लागू हुआ 'कवच एप', अब हर 15 मिनट में होगी पुलिस गश्त की लाइव मॉनिटरिंग

2250 पुलिसकर्मी रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम से जुड़े, डीआईजी स्वयं कर रहे मॉनिटरिंग; पूरे प्रदेश में लागू हो सकता है मॉडल

नीमच। मध्य प्रदेश पुलिस व्यवस्था में तकनीक आधारित निगरानी और जवाबदेही की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रतलाम रेंज ने प्रदेश में पहली बार अत्याधुनिक 'कवच एप' लागू किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अब रतलाम, मंदसौर और नीमच जिले के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की गश्त गतिविधियों की हर 15 मिनट में लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।

यह अभिनव व्यवस्था न केवल पुलिस गश्त को अधिक प्रभावी बनाएगी, बल्कि कानून व्यवस्था की निगरानी में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगी। वर्तमान में रतलाम रेंज के करीब 2250 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी इस डिजिटल सुरक्षा तंत्र से जुड़े हुए हैं, जिनकी लोकेशन, गश्त का समय, तय मार्ग और गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखी जा रही है।

मंदसौर से शुरू हुआ प्रयोग, अब पूरे रतलाम रेंज में लागू

सूत्रों के अनुसार, 'कवच एप' का ट्रायल अप्रैल माह में सबसे पहले मंदसौर जिले में किया गया था। सफल परीक्षण के बाद इसे रतलाम जिले में लागू किया गया और अब जून माह से नीमच जिले में भी यह व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावी हो गई है। इस प्रकार रतलाम रेंज मध्य प्रदेश का पहला पुलिस रेंज बन गया है, जहां गश्त की डिजिटल लाइव ट्रैकिंग व्यवस्था लागू की गई है।

डीआईजी निमिष अग्रवाल स्वयं कर रहे प्रतिदिन समीक्षा

रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल प्रतिदिन इस सिस्टम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कंट्रोल रूम से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर वे गश्त की गुणवत्ता, निर्धारित मार्ग का पालन, उपस्थिति और क्षेत्रीय सक्रियता का मूल्यांकन कर रहे हैं। इससे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित हो रही है।

किस जिले में कितने पुलिसकर्मी जुड़े

जानकारी के अनुसार, रतलाम जिले के 23 थानों के लगभग 1400 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, जबकि मंदसौर जिले के 16 थानों के करीब 850 पुलिसकर्मी इस सिस्टम से जुड़े हुए हैं। नीमच जिले में भी अब चरणबद्ध रूप से पूरी व्यवस्था लागू कर दी गई है।

घटना होने पर तुरंत मिलेगी नजदीकी पुलिस की लोकेशन

'कवच एप' के माध्यम से शहर के संवेदनशील क्षेत्रों, राष्ट्रीय राजमार्गों, आठ लेन मार्गों और ग्रामीण इलाकों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है। किसी भी घटना या आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से तुरंत यह पता लगाया जा सकता है कि सबसे नजदीकी पुलिस बल कहां मौजूद है, जिससे प्रतिक्रिया समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।

कंट्रोल रूम से तैयार हो रही दैनिक रिपोर्ट

रतलाम रेंज कंट्रोल रूम में पदस्थ आरक्षक विशाल नरसिंघानी और अमित यादव प्रतिदिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की गश्त संबंधी रिपोर्ट तैयार कर डीआईजी कार्यालय को भेज रहे हैं। इन रिपोर्टों के आधार पर पूरे रेंज की सुरक्षा व्यवस्था का विश्लेषण किया जा रहा है।

पूरे प्रदेश में लागू हो सकता है मॉडल

रतलाम रेंज द्वारा विकसित इस तकनीकी मॉडल को पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजा गया है। यदि इसे स्वीकृति मिलती है तो आने वाले समय में मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी 'कवच एप' आधारित गश्त मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की जा सकती है।

इस इस नवाचार को लागू करने वाले रतलाम डीआईजी निमिष अग्रवाल का कहना है कि यह पिछले 2 महीने से ही लागू कर दिया गया था, इसे मंदसौर,जावरा, रतलाम और फिर नीमच शहर एरिया में लागू किया गया है,इसके बहुत ही अच्छे परिणाम हमें मिल रहे हैं। इस ऐप के द्वारा हम हाईवे पेट्रोलिंग पार्टी और शहर में जो भी गश्त कर रही पुलिस पार्टी है उसका लोकेशन ट्रैक कर पाते हैं और हर पॉइंट पर पुलिस कर्मियों की मौजूदगी का पता चल पाता है और हम उसके बाद उसका एनालिसिस भी करते रहते हैं यह हमारे द्वारा ही डेवलप करके बनाया गया है और पहली बार पूरे प्रदेश में रतलाम रेंज में ही लागू किया गया है।

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