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नीमच जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही! पूरी रात बेड पर रखे रहे इंजेक्शन, प्रसूता तड़पती रही

डेस्क न्यूज़ 25 June, 2026 अन्य

नीमच। जिला चिकित्सालय एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को लेकर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला एक प्रसूता महिला से जुड़ा है, जिसे ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों द्वारा लिखे गए जरूरी इंजेक्शन और दवाएं समय पर नहीं दी गईं। आरोप है कि नर्सिंग स्टाफ रात में इंजेक्शन और दवा मरीज के बेड पर रखकर चला गया, लेकिन पूरी रात उन्हें लगाने कोई नहीं आया।

जानकारी के अनुसार मनासा क्षेत्र के ग्राम अलहैड़ निवासी सीमा धनगर को प्रसव के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। 22 जून को उनका ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद चिकित्सकों ने नियमित रूप से दवाएं और इंजेक्शन देने के निर्देश दिए थे। परिजनों का आरोप है कि बुधवार रात करीब 9 बजे नर्सिंग स्टाफ तीन इंजेक्शन और एक दवा की बोतल बेड पर रखकर चला गया। कई बार याद दिलाने के बावजूद कोई कर्मचारी वापस नहीं आया।

सुबह जब परिजनों ने देखा कि इंजेक्शन और दवाएं उसी स्थिति में पड़ी हैं, तो उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर उपचार नहीं मिलता तो मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती थी।

प्रसूता सीमा धनगर ने बताया कि ऑपरेशन के बाद उन्हें टांकों में दर्द और उठने-बैठने में परेशानी हो रही थी। ऐसे समय में चिकित्सकीय निर्देशानुसार उपचार मिलना बेहद जरूरी था, लेकिन पूरी रात दवाएं नहीं दिए जाने से उन्हें शारीरिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी।

मामला सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटिल तक पहुंचा तो उन्होंने घटना को गंभीर बताते हुए स्वीकार किया कि इंजेक्शन भरकर रख दिए गए थे, लेकिन मरीज को लगाए नहीं गए। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा तथा संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सिविल सर्जन ने यह भी माना कि जिला अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की कमी है, लेकिन यह किसी भी प्रकार की लापरवाही का कारण नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और उपचार सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इस घटना के बाद जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल में लगातार लापरवाही की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन सुधार के दावे जमीनी स्तर पर नजर नहीं आते।

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