मनीष नायक
24 June, 2026
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नीमच\ रामपुरा | सात दिन तक लापता रही युवती... जंगल में मिला कंकाल... और अब इस सनसनीखेज हत्याकांड का चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। नीमच जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र के सालरमाला गांव की जानीबाई हत्याकांड में पुलिस जांच ने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है।
क्या था पूरा घटनाक्रम --
12 जून को सालरमाला निवासी गोपाल पिता लिंबाजी ने अपनी पुत्री जानीबाई को रावतभाटा भेजने के लिए बस में बैठाया था। परिजनों के अनुसार गांधीसागर तक जानीबाई का मोबाइल फोन चालू था और परिवार से बातचीत भी हुई थी। इसके बाद अचानक उसका फोन बंद हो गया और वह लापता हो गई। परिजन लगातार उसकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 19 जून को गांधीसागर के जंगल में एक युवती का कंकालनुमा शव मिला, जिसकी पहचान कपड़ों और पायजेब के आधार पर जानीबाई के रूप में की गई।
प्रेम प्रसंग के चलते हुआ विवाद, फिर हुई हत्या --
जांच में सामने आया कि जानीबाई और सालरमाला निवासी बल्लू के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद के बाद आरोपी बल्लू ने जानीबाई की बस का पीछा किया और उसे रास्ते में बस से उतरवा लिया। इसके बाद वह उसे अपने साथ गांधीसागर के जंगल में ले गया।
जंगल में पत्थर से की निर्मम हत्या --
गांधीसागर के जंगल में दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। इसी दौरान आरोपी बल्लू ने पत्थरों से हमला कर जानीबाई की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वापस गांव लौट आया, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
7 दिन में शव कंकाल कैसे बना, बना रहस्य --
12 जून को हत्या की वारदात हुई और 19 जून को जंगल में कंकालनुमा शव मिला। महज सात दिनों में शव की यह स्थिति कैसे हुई, यह अभी भी जांच का विषय बना हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि जंगल में जंगली जानवरों ने शव को क्षत-विक्षत कर दिया होगा।
"जांच में सामने आया है कि मृतका जानीबाई और आरोपी बल्लू के बीच प्रेम प्रसंग था। दोनों के बीच हुए विवाद के बाद आरोपी बल्लू ने गांधीसागर के जंगल में पत्थर से हमला कर जानीबाई की हत्या कर दी। वहीं सात दिन बाद जंगल में मिला शव कंकालनुमा अवस्था में मिला है। शव की यह स्थिति कैसे हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।" – विपिन मसीह, थाना प्रभारी रामपुरा।