ताजासमाचार

'योग दर्शन से विश्व कल्याण तक' संगोष्ठी संपन्न: योग चिंतन से लेकर मोबाइल एडिक्शन और डोपामाइन डिटॉक्स पर विशेषज्ञों ने रखे विचार; गायत्री शक्तिपीठ में हुआ भव्य आयोजन

डेस्क न्यूज़ 22 June, 2026

नीमच 22 जून 2026। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन (INO) एवं स्वाध्याय मंडल गायत्री परिवार के संयुक्त तत्वावधान में 'योग दर्शन' विषय पर एक भव्य और गरिमापूर्ण विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गायत्री शक्तिपीठ के पावन प्रांगण में आयोजित इस संगोष्ठी में शहर के प्रबुद्ध जनों, योग साधकों और विचारकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

श्रीराम के भक्ति योग से लेकर स्वामी विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन तक की यात्रा
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित वरिष्ठ योग चिंतक इंजीनियर बाबूलाल गौड़ ने योग के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक सफर पर सारगर्भित प्रकाश डाला। उन्होंने भगवान श्रीराम के 'भक्ति योग एवं धर्म योग' से लेकर भगवान श्रीकृष्ण के 'गीता योग', महर्षि पतंजलि के 195 योग सूत्रों और स्वामी विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन तक की दिव्य यात्रा का वर्णन किया।

इंजीनियर गौड़ ने अपने संबोधन में कहा, "आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के बड़े नेताओं को गीता भेंट करते हैं, ताजमहल नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि गीता ही संपूर्ण विश्व में 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की वास्तविक भावना पैदा करती है।"

आज की पीढ़ी के लिए 'डोपामाइन डिटॉक्स' और व्यावहारिक योग टिप्स
युवा वक्ता आर्ची सक्सेना ने आज की युवा पीढ़ी की सबसे बड़ी समस्या 'मोबाइल एडिक्शन' (मोबाइल की लत) और आधुनिक जीवनशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने 'डोपामाइन डिटॉक्स' विषय पर बेहद प्रभावी वक्तव्य देते हुए समझाया कि कैसे नियमित योग और ध्यान के माध्यम से दिमाग के डोपामाइन लेवल को संतुलित कर एकाग्रता को बढ़ाया जा सकता है।

वरिष्ठ योग प्रेमी गुणवंत गोयल ने 'योग के सामान्य लाभ' विषय पर बोलते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और सामाजिक समरसता प्राप्त होती है। उन्होंने व्यावहारिक सीख देते हुए कहा कि 24 घंटे में से कम से कम 24 मिनट तो हमें अपने लिए निकालने ही चाहिए। उन्होंने मात्र 2 मिनट में शरीर के भीतर ऊर्जा बढ़ाने के बेहतरीन टिप्स भी साझा किए।

प्राचीन धरोहर है योग: प्रबुद्ध जनों ने व्यक्त किए विचार
मुख्य अतिथि एवं कृति संस्था के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौधरी ने जीवन दर्शन पर बात करते हुए कहा कि जीवन में हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण रखना चाहिए और योग हमारी वो प्राचीन धरोहर है जो हमें यह सकारात्मकता देती है।

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. महेश शर्मा ने योग जीवन चर्या, खेचरी मुद्रा, इड़ा-पिंगला नाड़ी और कुंडलिनी जागरण जैसे गूढ़ और महत्वपूर्ण विषयों पर वैज्ञानिक व आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अपने विचार व्यक्त किए। गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य ट्रस्टी कैलाश अहीर ने योग की महत्ता प्रतिपादित करते हुए सभी की सुख-समृद्धि के लिए शांति पाठ किया।

काव्यमयी संचालन और पत्रिका का विमोचन
इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश सहसचिव सत्येंद्र सक्सेना ने कार्यक्रम का शानदार संचालन किया। उन्होंने योग पर अपनी मौलिक रचना, "योग परंपरा संस्कृति महान, ऋषि पतंजलि का दिव्य विधान, मोक्ष मार्ग की राह दिखाता, योग है भारत की पहचान" प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।

आईएनओ जिला संरक्षक एवं कार्यक्रम संयोजक श्याम टांकवाल ने बाल कवि बैरागी की प्रसिद्ध रचना प्रस्तुत करते हुए योग के अध्यात्म और शास्त्रों में छिपे योग ज्ञान पर गहराई से प्रकाश डाला। आईएनओ सचिव एवं ज्योतिर्मठ अवांतर भानपुरा पीठ की मासिक पत्रिका 'अवांतर ज्योति' के संपादक रुद्र पाराशर ने उपस्थित अतिथियों को पत्रिका का विशेष जून अंक भेंट किया।

इन गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस वैचारिक और ज्ञानवर्धक संगोष्ठी में आईएनओ ब्लॉक कन्वीनियर भावना काठेड़, अशोक सिंहल, कमल शर्मा, श्याम सुंदर पंडित, हरीश उपाध्याय, कैलाश कुमार कर्णिक, दिलीप चौबे, चंदा सिंहल, निर्मला पाराशर, कैलाश चंद्र शर्मा, पारस जैन और सत्यनारायण पाराशर सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, प्रबुद्ध वर्ग, प्रखर योग साधक एवं गायत्री परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी आगंतुकों और सहयोगियों का आभार इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के जिला सचिव रुद्र पाराशर ने व्यक्त किया। उपरोक्त महत्वपूर्ण आयोजन की विस्तृत जानकारी आईएनओ के जिला प्रवक्ता नितिन सक्सेना द्वारा दी गई।

Related Post