डेस्क न्यूज़
22 June, 2026
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नीमच। शहर में पिछले कुछ समय से मिल रही गंदे और दूषित पेयजल की शिकायतों को लेकर नगर पालिका परिषद नीमच की अध्यक्ष स्वाति गौरव चोपड़ा ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। शनिवार को नगर पालिका कार्यालय में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) दुर्गा बामनिया एवं जलकल सभापति छाया जायसवाल की उपस्थिति में जलकल अमले और पेयजल सप्लाई से जुड़ी निजी कंपनियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने शहर में जल वितरण को लेकर आ रही शिकायतों पर दोनों कंपनियों के जिम्मेदारों को जमकर खरी-खोटी सुनाई और व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने की चेतावनी दी।
नागपुर की कंपनी को 15 दिन का अल्टीमेटम, 3 दिन में व्यवस्था सुधारने के निर्देश
बैठक के दौरान फिल्टर मीडिया का कार्य कर रही नागपुर की कंपनी के अधिकारी चकोर और पेयजल वितरण एवं शुद्धिकरण का कार्य देख रही कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आकाश गुप्ता से पानी की शिकायतों पर सीधे जवाब-तलब किया गया।
अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने फिल्टर मीडिया बदलने वाली कंपनी को अगले 15 दिनों के भीतर अपना कार्य पूरी तरह समाप्त करने और मात्र 3 दिन के भीतर फिल्टर प्लांट की व्यवस्था को सुधारने के सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही पेयजल वितरण देख रहे आकाश गुप्ता को शहर में तय समयानुसार और शुद्ध पानी सप्लाई करने की कड़ी हिदायत दी गई।
"अगर जनता परेशान हुई, तो नपा से भुगतान की उम्मीद मत करना"
नपा अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा, "नगर पालिका द्वारा शहर में पेयजल वितरण का कार्य ठेकेदार के अधीन किया गया है, लेकिन ठेकेदारों द्वारा जनता की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इसका खामियाजा नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को भुगतना पड़ता है और जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ता है। अगर पेयजल संबंधी शिकायतों का निराकरण समय पर नहीं हुआ, तो नगर पालिका से भुगतान (Payment) की उम्मीद भी मत रखना।"
इस दौरान उन्होंने सीएमओ दुर्गा बामनिया को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि अगर तय समय में पानी की गुणवत्ता और सप्लाई में सुधार नहीं होता है, तो संबंधित कंपनी की लापरवाही मानते हुए उसका ठेका निरस्त (Terminate) करने संबंधी नोटिस देकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।
सीएमओ और जलकल सभापति ने भी दिखाई सख्ती
बैठक में जलकल सभापति छाया जायसवाल ने भी पानी सप्लाई में आ रही दिक्कतों पर ठेकेदार की घोर लापरवाही का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर ठेकेदार शहर के नागरिकों को समय पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।
सीएमओ दुर्गा बामनिया ने केमिस्ट सुरेश पवार को निर्देशित किया कि वे शहर में होने वाली पानी की सप्लाई की निरंतर और कड़ाई से जांच करें। कहीं से भी दूषित पानी की शिकायत मिलने पर तत्काल उसका निराकरण करवाया जाए। उन्होंने मैदानी कर्मचारियों को भी वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जलकल विभाग प्रभारी इंजीनियर अनु सोलंकी, सुरेश पवार, नाथूलाल नागर सहित पेयजल वितरण कंपनी के ठेकेदार और नगर पालिका के अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।