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अलम के पुरनूर जुलूस के साथ नीमच में मोहर्रम की अज़ादारी का आगाज़

डेस्क न्यूज़ 22 June, 2026 अन्य

नीमच। नीमच में रविवार शाम अलम के पुरनूर जुलूस के साथ माह-ए-मोहर्रम की अज़ादारी और ताज़ियादारी का बाकायदा आगाज़ हो गया। लगभग दो सौ वर्ष पुरानी यह धार्मिक और ऐतिहासिक परंपरा आज भी पूरे सम्मान, आस्था और अनुशासन के साथ निभाई जा रही है। नीमच की ताज़ियादारी देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक अपनी विशेष पहचान रखती है, जिसे देखने और इसमें शामिल होने के लिए दूर-दराज़ से लोग पहुंचते हैं।

मोहर्रम में निकाला जाने वाला अलम शहादत, वफ़ादारी, सब्र और हक़ की राह में दी गई महान कुर्बानियों की याद दिलाता है। इसे विशेष रूप से हज़रत अब्बास अलमदार की बहादुरी, निष्ठा और बलिदान का प्रतीक माना जाता है, जिन्होंने कर्बला में हज़रत इमाम हुसैन की राह में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

रविवार शाम निकले अलम के जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से गुज़रा, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं ने अलम को सलाम पेश कर अपनी आस्था व्यक्त की। पूरे आयोजन के दौरान अमन, भाईचारे, अनुशासन और सांप्रदायिक सौहार्द का सुंदर वातावरण देखने को मिला।

नीमच की यह ऐतिहासिक ताज़ियादारी एक बार फिर कर्बला के संदेश—हक़, इंसानियत, सब्र, कुर्बानी और भाईचारे—को जन-जन तक पहुंचाने के लिए तैयार है। मोहर्रम के आगामी दिनों में शहर में विभिन्न मजलिसों, मातमी कार्यक्रमों और ताज़ियों से जुड़ी पारंपरिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

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