डेस्क न्यूज़
18 June, 2026
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नीमच। मध्यप्रदेश के पश्चिमी छोर पर स्थित नीमच जिले को सीधे भोपाल से रेल मार्ग द्वारा जोड़ने की संभावना को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। पूर्व विधायक डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू ने नीमच-कोटा प्रस्तावित रेल परियोजना के साथ खेड़ा रुद्धा से रामगंजमंडी तक नई लिंक रेल लाइन विकसित करने का सुझाव देते हुए कहा है कि यदि यह परियोजना प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी गति शक्ति योजना के अंतर्गत स्वीकृत हो जाती है तो नीमच को भोपाल से सीधा रेल संपर्क मिल सकता है।
डॉ. जाजू ने कहा कि वर्तमान में नीमच-कोटा नई रेल लाइन परियोजना का फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) पूरा होकर स्वीकृति की प्रक्रिया में है। रेलवे बोर्ड द्वारा इस सर्वे के लिए पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई थी। सर्वे के आधार पर तैयार होने वाली विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) रेल मंत्रालय को प्रस्तुत की जानी है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित नीमच-कोटा रेल लाइन की कुल लंबाई लगभग 201.30 किलोमीटर है। यह रेल मार्ग नीमच से प्रारंभ होकर जावद, सिंगोली, बेगूं और रावतभाटा होते हुए रावठा रोड स्टेशन तक पहुंचेगा। प्रारंभिक सर्वे के अनुसार इस मार्ग पर लगभग 11 स्टेशन प्रस्तावित हैं। परियोजना के तहत खेड़ा रुद्धा स्टेशन मार्ग के अंतिम प्रमुख स्टेशनों में शामिल रहेगा।
डॉ. जाजू का कहना है कि यदि खेड़ा रुद्धा स्टेशन से रामगंजमंडी तक लगभग 20 से 25 किलोमीटर लंबी नई लिंक रेल लाइन विकसित कर दी जाए तो नीमच सीधे निर्माणाधीन रामगंजमंडी-भोपाल रेल कॉरिडोर से जुड़ सकता है। इससे नीमच से भोपाल की यात्रा अधिक आसान और कम समय में संभव हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि रामगंजमंडी-भोपाल रेल परियोजना का कार्य लगभग पूर्णता की ओर है और वर्ष 2026 में इस रेल मार्ग पर संचालन शुरू होने की संभावना है। ऐसे में यदि समय रहते खेड़ा रुद्धा-रामगंजमंडी लिंक लाइन को स्वीकृति मिल जाती है तो नीमच को इसका सीधा लाभ प्राप्त हो सकता है।
डॉ. जाजू ने कहा कि पूर्व में नीमच-रामगंजमंडी रेल लाइन का सर्वे मनासा और रामपुरा मार्ग से किया गया था। यह सर्वे उस समय स्वीकृत हुआ था जब कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन सांसद थीं। हालांकि एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इस परियोजना पर आगे कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी। उनके अनुसार उस प्रस्तावित रेल लाइन में भूमि अधिग्रहण, लागत और तकनीकी बाधाओं जैसी कई चुनौतियां हैं, जबकि खेड़ा रुद्धा से रामगंजमंडी तक नई लिंक लाइन अपेक्षाकृत कम दूरी और कम लागत वाली परियोजना साबित हो सकती है।
डॉ. जाजू का मानना है कि यह परियोजना केवल नीमच जिले तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को नया आयाम देगी। इससे राजस्थान के उदयपुर, अजमेर, जोधपुर, कोटा सहित अनेक शहरों को भोपाल और मध्यप्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों से बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। साथ ही दक्षिण भारत की दिशा में भी यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों को नया विकल्प उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई गति शक्ति योजना का मुख्य उद्देश्य देश की परिवहन और अधोसंरचना परियोजनाओं को एकीकृत कर तेज गति से विकसित करना है। यदि इस योजना के तहत खेड़ा रुद्धा-रामगंजमंडी रेल लिंक को स्वीकृति मिलती है तो यह क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
डॉ. जाजू ने सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक दिलीप सिंह परिहार, विधायक ओमप्रकाश सकलेचा सहित जिले के सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएं और रेल मंत्रालय के समक्ष प्रभावी पैरवी कर परियोजना को स्वीकृति दिलाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि नीमच को भोपाल से सीधे जोड़ने का सपना अब केवल जनप्रतिनिधियों की इच्छाशक्ति और प्रयासों पर निर्भर करता है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि समय रहते इस दिशा में ठोस पहल की जाती है तो आने वाले वर्षों में नीमच प्रदेश के प्रमुख रेल नेटवर्क से जुड़कर विकास और निवेश की नई संभावनाओं का केंद्र बन सकता है।