डेस्क न्यूज़
16 June, 2026
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• 21 जून को होने वाली राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने की उच्च स्तरीय समीक्षा, बोले- बच्चों को न हो कोई तकलीफ।
• एयरफोर्स और हेलिकॉप्टर से आए पेपर: अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने बताया- प्रदेश के 5 एयरपोर्ट पर पहुंचे प्रश्नपत्र, बालाघाट में हेलिकॉप्टर से पहुंचाई गई सामग्री।
• अचूक सुरक्षा चक्र: एनटीए और राज्य पुलिस संभालेंगी दो-स्तरीय सुरक्षा; 19 जून तक सभी 283 केंद्रों पर लगेंगे सीसीटीवी, बायोमैट्रिक और जैमर।
• बड़ा बदलाव: दोपहर 2 से शाम 5:15 बजे तक चलने वाली परीक्षा में इस बार छात्रों को मिलेगा 15 मिनट का 'अतिरिक्त समय'।
भोपाल/नीमच द वॉचमैन पोस्ट, 16 जून 2026। मध्य प्रदेश में आगामी 21 जून को होने जा रही नीट (UG) परीक्षा-2026 को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बेहद संवेदनशील और सख्त नजर आ रहे हैं। मंगलवार को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर्स, एसपी और पुलिस कमिश्नरों के साथ एक बड़ी समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने अभूतपूर्व निर्देश दिए हैं।
सीएम ने स्पष्ट कहा कि चूंकि 21 जून को 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' भी है और जबलपुर में माननीय राष्ट्रपति महोदया का प्रवास भी प्रस्तावित है, इसलिए यातायात का ऐसा सुगम प्लान बनाएं कि बच्चों को सेंटर पहुंचने में कोई बाधा न आए। मुख्यमंत्री ने यहाँ तक निर्देश दिए:
"यदि किसी भी परीक्षार्थी को सेंटर तक पहुंचने में आवागमन के साधन की परेशानी आ रही है, तो प्रशासन और पुलिस अधिकारी किसी शासकीय वाहन या खुद अपने निजी/शासकीय वाहन से उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में पूरा सहयोग करें।"
एयरफोर्स से आए प्रश्नपत्र, बैंकों में सुरक्षित; बालाघाट में हेलिकॉप्टर से पहुंचे पेपर
बैठक में मौजूद अपर मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा एवं जनसंपर्क) अनुपम राजन ने तैयारियों का पूरा ब्योरा पेश किया। उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा एयरफोर्स के जरिए सुरक्षित रूप से पहुंचाए जा रहे हैं। ये प्रश्नपत्र प्रदेश के पांच प्रमुख एयरपोर्ट पर पहुंच चुके हैं और इन्हें एनटीए द्वारा तय किए गए दो अधिसूचित बैंकों के स्ट्रॉन्ग रूम में पूरी सुरक्षा के साथ लॉक कर दिया गया है। नक्सल प्रभावित जिला होने के कारण बालाघाट में प्रश्नपत्र हेलिकॉप्टर के माध्यम से पहुंचाए जा रहे हैं।
19 जून तक लगेंगे जैमर, 20 को होगा ट्रायल रन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परीक्षा के नोडल विभाग (उच्च शिक्षा विभाग) को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी 283 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमैट्रिक मशीन और जैमर लगाने का काम हर हाल में 19 जून तक पूरा कर लिया जाए। इसके अगले दिन यानी 20 जून को सभी सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से 'ट्रायल रन' किया जाएगा ताकि परीक्षा के दिन कोई तकनीकी खामी न आए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस परीक्षा के लिए तैयार की गई यह स्टैंडिंग ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भविष्य में प्रदेश की सभी परीक्षाओं के लिए एक मॉडल बनेगी।
दो-स्तरीय सुरक्षा घेरा और मजिस्ट्रेटों की तैनाती
अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रों पर टू-लेयर (दो-स्तरीय) सुरक्षा रहेगी:
1. बाहरी सुरक्षा परत: राज्य पुलिस और होमगार्ड के जवानों के हाथ में होगी। हर केंद्र पर सहायक उपनिरीक्षक (ASI) स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे।
2. आंतरिक सुरक्षा परत: एनटीए (NTA) द्वारा नियुक्त विशेष सुरक्षा एजेंसी के जिम्मे होगी। इसके साथ ही, परीक्षा केंद्रों पर कड़े नियंत्रण के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट और ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जा चुके हैं। प्रत्येक 3 से 4 केंद्रों की मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष जिला नोडल अधिकारी मुस्तैद रहेगा।
महिला परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था और मेडिकल टीमें
• महिला पुलिसकर्मी: महिला छात्र-छात्राओं की गरिमा और सुविधा के लिए अलग से 'फ्रिस्किंग' (चेकिंग) रूम होंगे, जहां केवल महिला पुलिसकर्मियों की ही तैनाती रहेगी।
• क्विक मेडिकल रिस्पॉन्स: भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर ओआरएस, ग्लूकोज और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था रहेगी। हर केंद्र पर एक प्राथमिक स्वास्थ्यकर्मी और फर्स्ट-एड किट मौजूद रहेगी। साथ ही कंट्रोल रूम में डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की एक विशेष टीम तैनात रहेगी, जिनका रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम (तुरंत सेवा) होगा।
• अभिभावकों के लिए टेंट व क्लॉक रूम: बच्चों के साथ आने वाले माता-पिता के लिए बाहर वाटरप्रूफ टेंट, कुर्सियां और मोबाइल टॉयलेट बनाए जाएंगे। छात्रों के कीमती सामान के लिए हर केंद्र पर
क्लॉक रूम की सुविधा होगी।
एमपी के इन 30 जिलों में परीक्षा, जानें समय और केंद्र
यह परीक्षा पूरी तरह 'पेन और पेपर' (ऑफलाइन) मोड पर होगी, जिसकी अवधि 3 घंटे 15 मिनट (कुल 195 मिनट) की रहेगी। परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक चलेगी।
अधिक परीक्षा केंद्रों वाले प्रमुख जिले: इन्दौर (57), भोपाल (32), ग्वालियर (24), जबलपुर (24), रीवा (12), बड़वानी (11), खरगौन (09), रतलाम (09) और उज्जैन (08)।
इसके अलावा यह परीक्षा सागर, छिंदवाड़ा, बैतूल, भिंड, बालाघाट, अशोकनगर, छतरपुर, बड़वानी, धार, खंडवा, नर्मदापुरम्, दमोह, दतिया, देवास, गुना, मंदसौर, मुरैना, नीमच, राजगढ़, सिंगरौली, विदिशा और सतना जिलों के केंद्रों पर भी पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जाएगी। दूर-दराज के केंद्रों के लिए जिला प्रशासन खुद वाहनों की व्यवस्था कर रहा है।