ताजासमाचार

पुश्तैनी जमीन में खेला बड़ा खेल ? दिव्यांग किसान ने परिजनों, खरीदारों और पटवारियों पर लगाए मिलीभगत के गंभीर आरोप

डेस्क न्यूज़ 16 June, 2026 अन्य

नीमच। जिले के ग्राम बोरखेड़ी कला निवासी जवादीश पिता भंवरलाल ब्राह्मण ने अपने हिस्से की पुश्तैनी कृषि भूमि को कथित रूप से अवैध तरीके से बेचने और नामांतरण कराने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर के नाम शिकायत सौंपकर न्याय की मांग की है। शिकायत में उन्होंने परिजनों, भूमि खरीदारों तथा संबंधित पटवारियों पर मिलीभगत कर नियमों की अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं।

शिकायतकर्ता जवादीश ने ज्ञापन में बताया कि ग्राम बोरखेड़ी कला स्थित सर्वे नंबर 20, 307, 44, 156 एवं 437 सहित अन्य कृषि भूमि में चार भाइयों और दो बहनों का बराबर हिस्सा है। उनका आरोप है कि वर्ष 2006 में उनके भाई गौतमलाल ने बिना किसी वैधानिक बंटवारे और उनकी सहमति के अपने पुत्र मुकेश के नाम भूमि का हिस्सा विक्रय कर दिया। इसके बाद सर्वे नंबर 307 की भूमि भी गौतमलाल द्वारा अपने पिता मोजीराम के नाम विक्रय किए जाने का आरोप लगाया गया है।

शिकायत के अनुसार वर्ष 2023 में सर्वे नंबर 44 की 71 आरी भूमि को गौतमलाल, बद्रीलाल, गीताबाई, कृष्णाबाई, श्यामाबाई, अनिल एवं अशोक द्वारा आपसी मिलीभगत से विक्रय कर दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि परिवार में कभी विधिवत बंटवारा नहीं हुआ, इसके बावजूद भूमि का विक्रय और नामांतरण कर दिया गया।

जवादीश ने आरोप लगाया कि तत्कालीन पटवारी रेखा गुप्ता ने बिना सूचना दिए नामांतरण किया, जबकि बाद में संबंधित पटवारी सुमित शर्मा ने भी कथित रूप से नियमों की अनदेखी करते हुए रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कर दी। उनका कहना है कि तहसील कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में उक्त भूमि समकांत बागड़ी पिता अशोक कुमार बागड़ी निवासी नीमच को विक्रय कर दी गई। शिकायतकर्ता ने भूमि खरीदार पर धमकी देने और अपने हिस्से की भूमि पर आने-जाने से रोकने के आरोप भी लगाए हैं।

जवादीश ने बताया कि वह स्वयं दिव्यांग हैं तथा उनका पुत्र भी दिव्यांग है। कृषि भूमि ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। ऐसे में भूमि विवाद के कारण परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।

शिकायतकर्ता ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से किए गए नामांतरणों की समीक्षा करने, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा उनके हिस्से की भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग की है।

Related Post